नई दिल्ली: दिल्ली में चल रहे BRICS शिखर सम्मेलन में इस बार कूटनीतिक बैठकों के साथ कला और संस्कृति भी खास चर्चा में है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक ऐसे सार्वजनिक आर्टवर्क की तस्वीर साझा की है, जिसमें BRICS के नौ सदस्य देशों के कलाकारों ने अपनी कला और संस्कृति को एक साथ प्रस्तुत किया है.
‘संगम: ए कन्फ्लुएंस ऑफ कल्चर्स’ नाम की इस कला परियोजना की प्रेरणा भारत की उस अवधारणा से ली गई है, जहां अलग-अलग दिशाओं से आने वाली नदियां एक जगह मिलती हैं. इसी विचार को कलाकारों ने अपनी रचनात्मकता के जरिए एक साझा कलाकृति में उतारा है. इसमें अलग-अलग देशों की कला शैलियां साथ दिखाई देती हैं, लेकिन पूरा काम एकजुटता और साझा पहचान का संदेश देता है.
विदेश मंत्रालय के अनुसार इस विशाल आर्टवर्क को BRICS के नौ सदस्य देशों के कलाकारों ने मिलकर तैयार किया है. हर कलाकार ने अपने देश की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक कला शैली को इसमें जगह दी है. अलग-अलग रंग, प्रतीक और रचनात्मक तरीके मिलकर इसे एक ऐसा रूप देते हैं, जिसमें विविधता के बावजूद एक साझा भाव साफ नजर आता है. यही इसकी सबसे बड़ी खासियत है.
इस सार्वजनिक कला परियोजना को इस साल भारत की अध्यक्षता में आयोजित BRICS सम्मेलन की थीम से भी जोड़ा गया है. इसमें लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास जैसे विचारों को प्रमुखता दी गई है. कलाकृति के जरिए यह दिखाने की कोशिश की गई है कि अलग-अलग देशों की अपनी पहचान होने के बावजूद वे साझा लक्ष्यों और सहयोग के जरिए एक साथ आगे बढ़ सकते हैं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस पहल को साझा करते हुए बताया कि कला देशों की सीमाओं से आगे जाकर लोगों को जोड़ने की ताकत रखती है. BRICS 2026 का यह प्रोजेक्ट कूटनीति में सांस्कृतिक प्रभाव और सॉफ्ट पावर की भूमिका को भी सामने लाता है. साथ ही, यह युवा कलाकारों और कला प्रेमियों के लिए यह संदेश देता है कि जब अलग-अलग रचनात्मकता साथ आती हैं तो एक साझा और प्रभावशाली तस्वीर बनती है.