वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत-अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के लिए फायदेमंद है और भारत ने अमेरिकी कुछ उत्पादों पर शून्य टैरिफ यानी जीरो ड्यूटी लगाने का फैसला किया है. इससे बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, उपभोक्ताओं को अच्छी क्वालिटी के सामान सस्ते दामों पर मिलेंगे और अर्थव्यवस्था में दक्षता आएगी.
गोयल ने उन उत्पादों की लिस्ट जारी की जिनपर भारत में कोई टैक्स नहीं लगेगा. इनमें शराब जैसे वाइन, स्पिरिट्स और अन्य अल्कोहलिक ड्रिंक्स, कुछ कॉस्मेटिक आइटम्स, मेडिकल डिवाइसेस जैसे माइक्रोस्कोप और कुछ अन्य मेडिकल उपकरण शामिल हैं.
इसके अलावा डिस्टिलर्स ड्राइड ग्रेंस विद सॉल्युबल्स (DDGS) जो पशुपालन में इस्तेमाल होता है, कुछ कैंसर की दवाइयां, हार्ट और न्यूरो ट्रीटमेंट की दवाएं, ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक केमिकल्स, कंप्यूटर से जुड़े प्रोडक्ट्स भी इस सूची में हैं.
Under the decisive leadership of PM @NarendraModi ji, India has reached a framework for an Interim Agreement with the US. This will open a $30 trillion market for Indian exporters, especially MSMEs, farmers and fishermen. The increase in exports will create lakhs of new job… pic.twitter.com/xYSjxML6kt
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) February 7, 2026
मंत्री ने जोर देकर कहा कि इन उत्पादों पर न्यूनतम आयात मूल्य (Minimum Import Price) तय किया गया है ताकि घरेलू उद्योगों और किसानों के हितों की रक्षा हो सके. उन्होंने स्पष्ट किया कि संवेदनशील कृषि और डेयरी उत्पादों जैसे चावल, गेहूं, मक्का, दूध के प्रोडक्ट्स आदि पर कोई छूट नहीं दी गई है. भारत ने अपनी रेड लाइन बरकरार रखी हैं और किसानों को पूरा संरक्षण दिया है.
पीयूष गोयल ने इस समझौते को निष्पक्ष, संतुलित और दोनों पक्षों के हित में बताया. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने भारत के कई निर्यात उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18 फीसदी कर दिया है, जो पहले 50 फीसदी तक था. अब भारत के जेम्स एंड डायमंड्स, दवाइयां, स्मार्टफोन्स, मसाले, चाय-कॉफी, फल-सब्जियां आदि को अमेरिका में जीरो या बहुत कम टैरिफ मिलेगा. इससे भारतीय निर्यातकों को 30 ट्रिलियन डॉलर के विशाल बाजार में आसानी होगी और चीन, वियतनाम जैसे देशों से ज्यादा फायदा मिलेगा.
यह समझौता फरवरी 2025 से शुरू हुई बातचीत का नतीजा है, जिसका लक्ष्य दोनों देशों के बीच सालाना 500 बिलियन डॉलर का व्यापार पहुंचाना है. गोयल ने कहा कि यह भारत की 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की राह में बड़ा कदम है. देश भर में इसकी सराहना हो रही है और नए रोजगार, एमएसएमई और महिलाओं-युवाओं के लिए अवसर बढ़ेंगे. आने वाले समय में दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे.