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India Daily

'कृषि उत्पादों पर कोई छूट नहीं', पीयूष गोयल ने गिनाई उन उत्पादों की लिस्ट जिन पर अमेरिका को नहीं मिलेगा कोई फायदा

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत अमेरिकी कृषि उत्पादों को आयात लाभ नहीं मिलेगा. भारत इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर है, इसलिए किसानों के हितों की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.

Kanhaiya Kumar Jha
'कृषि उत्पादों पर कोई छूट नहीं', पीयूष गोयल ने गिनाई उन उत्पादों की लिस्ट जिन पर अमेरिका को नहीं मिलेगा कोई फायदा
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच हुए द्विपक्षीय व्यापार समझौते के बारीक विवरणों पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को महत्वपूर्ण जानकारी साझा की. एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी कृषि उत्पादों पर किसी भी प्रकार की आयात छूट या लाभ नहीं दिया जाएगा. गोयल ने जोर देकर कहा कि भारत कृषि में पूरी तरह आत्मनिर्भर है, इसलिए यह कड़ा फैसला देश के व्यापक आर्थिक हितों और किसानों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है. इससे भारतीय किसानों को वैश्विक बाजार में नई शक्ति मिलेगी.

वाणिज्य मंत्री ने उन उत्पादों की एक विस्तृत सूची जारी की है, जिन्हें आयात लाभों के दायरे से बाहर रखा गया है. इसमें मांस, पोल्ट्री, डेयरी उत्पाद, सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, अनाज और विविध मोटे अनाज जैसे ज्वार, बाजरा और रागी प्रमुखता से शामिल हैं. इनके अलावा ताजे फल, ग्रीन टी, तिलहन, मूंगफली, शहद, गैर-मादक पेय और तंबाकू को भी सुरक्षित रखा गया है. गोयल ने बताया कि इन संवेदनशील क्षेत्रों को व्यापार समझौते से दूर रखना भारतीय किसानों की आजीविका के लिए अनिवार्य था.

अन्य समझौतों से अलग नीति 

भारत का यह कड़ा फैसला यूरोपीय संघ, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के साथ हस्ताक्षरित अन्य मुक्त व्यापार समझौतों की तुलना में एक बिल्कुल अलग रणनीति दर्शाता है. आमतौर पर भारत अपने डेयरी, चावल, गेहूं और मांस जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाने के लिए व्यापार समझौतों के दायरे से पूरी तरह बाहर रखता है. पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि यह नीति घरेलू उद्योगों और गरीब किसानों के लिए सुरक्षा कवच का काम करेगी. सरकार का मानना है कि इन क्षेत्रों में विदेशी पैठ घातक हो सकती है.

भारतीय निर्यातकों के लिए बड़े अवसर 

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीयूष गोयल ने एक बड़ी उम्मीद जताई कि इस व्यापार समझौते से भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर का विशाल अंतरराष्ट्रीय बाजार खुल जाएगा. इससे विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs), स्थानीय किसानों और मेहनती मछुआरों को सीधा आर्थिक लाभ होगा. वैश्विक बाजार तक पहुंच आसान होने से हमारे घरेलू उत्पादों की मांग में निरंतर बढ़ोत्तरी होगी. मंत्री ने इसे भारतीय व्यापार के उज्ज्वल भविष्य और आर्थिक समृद्धि के लिए एक बड़ा और अत्यंत ऐतिहासिक मील का पत्थर करार दिया है.

जीरो ड्यूटी का लाभ 

अंतरिम व्यापार समझौते के तहत भारत से अमेरिका जाने वाली कई प्रमुख औद्योगिक वस्तुओं पर शून्य शुल्क यानी जीरो ड्यूटी की व्यवस्था जारी रहेगी. इसमें बेशकीमती रत्न और हीरे, जरूरी फार्मास्युटिकल उत्पाद और अत्याधुनिक स्मार्टफोन जैसे महत्वपूर्ण निर्यात आइटम शामिल हैं. गोयल ने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में ऐसी कई और वस्तुएं होंगी जिन पर जीरो ड्यूटी का लाभ मिलेगा. इससे भारतीय सामान अमेरिकी बाजार में पहले से कहीं अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे और व्यापार घाटे को कम करने में भी मदद मिलेगी.

रोजगार सृजन और महिला सशक्तिकरण 

कृषि क्षेत्र में भी मसालों, चाय, कॉफी, नारियल तेल, काजू और कई फलों एवं सब्जियों को जीरो टैरिफ का लाभ मिलेगा. पीयूष गोयल ने कहा कि निर्यात में इस भारी उछाल से भारत में महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे. यह समझौता न केवल व्यापार को बढ़ावा देगा बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण का भी बड़ा माध्यम बनेगा. उन्होंने कहा कि जब भारत के उत्पाद वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगे, तो इसका सीधा सकारात्मक प्रभाव देश के हर मेहनती नागरिक पर पड़ेगा.