Delhi Election 2025 Phalodi Satta Bazar: राजस्थान का फलोदी सट्टा बाजार देशभर में अपनी सटीक चुनावी भविष्यवाणियों के लिए प्रसिद्ध है. जैसे-जैसे दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 नजदीक आ रहे हैं, फलोदी सट्टा बाजार के सटोरिए फिर से सक्रिय हो गए हैं और उन्होंने ताजा भविष्यवाणियां जारी की हैं, जो कांग्रेस और भाजपा के लिए चिंताजनक हो सकती हैं.
दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों पर 10 से 17 जनवरी के बीच कुल 1522 नामांकन हुए थे, जिनमें से 981 सही पाए गए. नामांकन की छंटनी के बाद 719 उम्मीदवारों ने नामांकन पूरा किया और 20 जनवरी को नाम वापसी के बाद अब 699 उम्मीदवार मैदान में हैं. इसी बीच, फलोदी सट्टा बाजार ने दिल्ली चुनाव को लेकर अपने ताजा अनुमान जारी किए हैं.
AAP को 39-41 सीटें मिलने की संभावना
फलोदी सट्टा बाजार के अनुसार, आम आदमी पार्टी (AAP) को 39 से 41 सीटें मिल सकती हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 29 से 31 सीटों पर जीत मिलने का अनुमान है. दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस के लिए सट्टा बाजार ने कोई भविष्यवाणी नहीं की है. दिल्ली में बहुमत का आंकड़ा 36 सीटों का है, ऐसे में आम आदमी पार्टी को बहुमत मिलने की संभावना दिखाई दे रही है.
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों के ऐलान से पहले भी फलोदी सट्टा बाजार ने आम आदमी पार्टी को 37 से 39 सीटें मिलने का अनुमान जताया था, जो बहुमत से एक सीट अधिक था. इस बीच, नाम वापसी के बाद आम आदमी पार्टी की सीटों में इजाफा हुआ है, जिससे पार्टी की जीत की संभावना और मजबूत हो रही है.
पहले भी सही साबित हुए अनुमान
फलोदी सट्टा बाजार की सटीकता का उदाहरण लोकसभा चुनावों में देखा गया, जब इसने राजस्थान की 9 सीटों पर अपने अनुमान लगाए थे, जिनमें से 8 पूरी तरह सटीक साबित हुए. हालांकि, बांसवाड़ा लोकसभा सीट पर इसका अनुमान गलत साबित हुआ, लेकिन अन्य सीटों पर यह सही साबित हुआ था.
चुनावों पर फलोदी सट्टा बाजार की भविष्यवाणियां
फलोदी सट्टा बाजार पहले भी कई चुनावों में अपनी सटीक भविष्यवाणियों के लिए चर्चा में रहा है. चाहे वह लोकसभा चुनाव हो या राजस्थान विधानसभा चुनाव, इसके अनुमान अक्सर वास्तविक परिणामों के करीब रहे हैं. राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इस बाजार के अनुमानों से चुनावी रुझान और जनता की सोच का सटीक आकलन किया जा सकता है.
दिल्ली विधानसभा चुनाव का इतिहास और महत्वपूर्ण तथ्य
दिल्ली विधानसभा चुनाव का इतिहास राजनीति और प्रशासनिक विकास की कहानी को बयां करता है. दिल्ली में विधानसभा चुनावों का पहला दौर 1952 में हुआ था, और उसके बाद दिल्ली पर केंद्र का नियंत्रण रहा. 1993 में दिल्ली विधानसभा की पुनः स्थापना हुई और भारतीय जनता पार्टी ने जीत हासिल की. 1998 से 2013 तक कांग्रेस का शासन रहा और फिर 2013 में आम आदमी पार्टी का उदय हुआ, जिसने दिल्ली की राजनीति में बड़ा बदलाव किया.
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में मुख्य मुद्दे
2025 के चुनाव में मुख्य मुद्दे स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन और महिलाओं की सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सुधार हो सकते हैं. यह देखना दिलचस्प होगा कि मौजूदा सरकार अपने रिकॉर्ड को कैसे बरकरार रखती है और क्या विपक्षी पार्टियां इसे चुनौती दे पाती हैं.