PM Awas Yojana Gramin: प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के जरूरतमंद परिवारों को भी अब योजना का लाभ मिलेगा. अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण विभाग द्वारा इन वर्गों के आवासविहीन परिवारों का सर्वे किया जा रहा है. यह सर्वे पंचायत लेवल पर हो रहा है, जिसमें एलिजिबल परिवारों को शामिल किया जाएगा.
ग्रामीण विकास विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर यह निर्देश दिया है कि इस सर्वे में जो परिवार योग्य पाए जाएं, उनका वेरिफिकेशन कर उन्हें योजना का लाभ दिया जाए. इसके लिए "आवास प्लस 2024" के तहत भी सर्वे कराया जाएगा, जिससे जरूरतमंद परिवारों का नाम वेटिंग लिस्ट में शामिल किया जा सके.
इस योजना के लाभ लेने वालों को मनरेगा जॉब कार्ड जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं. इसके लिए शिविर लगाए जाएंगे. जॉब कार्ड के जरिए लाभ लेने वालों को मनरेगा योजना के तहत 90 से 95 दिनों की मजदूरी दी जाएगी. इसलिए लाभ लेने वालों के लिए जॉब कार्ड होना अनिवार्य है.
इस योजना लाभ लेने के लिए सरकार ने कुछ कागजात अनिवार्य किए हैं, जैसे पति-पत्नी का आधार कार्ड, बैंक अकाउंट, जॉब कार्ड आदि. लेकिन डॉक्यूमेंट्स के में गड़बड़ियां सामने आ रही हैं. पंचायत लेवल पर किए जा रहे सर्वे में पाया गया है कि आधार वेरीफिकेशन और आई स्कैन की प्रक्रिया में देरी हो रही है, जिससे सिर्फ 4-5 बेनिफिशयरीज का ही काम दिनभर में पूरा हो पा रहा है.
पंचायत के मुखिया और आवास सहायक ने सभी बेनिफिशयरीज से कहा है कि वे अपना आधार कार्ड, बैंक अकाउंट और जॉब कार्ड सही और वेरीफाई करवाएं. बैंक अकाउंट को आधार और एनपीसीआई से लिंक करवा लें. इससे यह सुनिश्चित होगा कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को योजना का लाभ मिल सके.