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India Daily

विमान हादसे वाली जगह बनी पर्यटन स्थल, मलबे के साथ सेल्फी और वीडियो बना रहे लोग, पुलिस की नाक में किया दम

मेघानी नगर के ब्लॉक 1 में रहने वाले आदित्य पटानी ने कहा कि उनकी छत से विमान की पूंछ दिख रही है, इसलिए लोग उनकी छत पर आकर सेल्फी ले रहे हैं. उन्होंने कहा कि लोगों को संभालना मुश्किल हो रहा है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
विमान हादसे वाली जगह बनी पर्यटन स्थल, मलबे के साथ सेल्फी और वीडियो बना रहे लोग, पुलिस की नाक में किया दम

अहमदाबाद के मेघानी नगर में बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल भवन के पास हुए एयर इंडिया ड्रीमलाइनर विमान दुर्घटना स्थल पर शुक्रवार को लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. लोग इस भयावह हादसे के मलबे के पास सेल्फी और वीडियो बनाने में जुट गए, जिससे यह स्थान 'आपदा पर्यटन' का केंद्र बन गया. इस हादसे में 241 से अधिक लोगों की जान गई थी, और विमान का पूंछ वाला हिस्सा अभी भी हॉस्टल की इमारत में फंसा हुआ है, जो इस त्रासदी की याद दिलाता है. कई लोग इस पूंछ को पृष्ठभूमि में रखकर सेल्फी लेने के लिए उत्साहित दिखे. 40 डिग्री की गर्मी भी इन आपदा पर्यटकों का उत्साह कम नहीं कर सकी.

हादसे का मंजर देखने की उत्सुकता
दुर्घटना स्थल के आसपास का क्षेत्र शुक्रवार को भी अराजक रहा. पुलिस ने मलबे वाले कुछ हिस्सों को सुरक्षित किया, लेकिन बाकी क्षेत्र में लोगों की भीड़ बेकाबू थी. अहमदाबाद के जमालपुर निवासी रफीक पटेल अपनी पत्नी के साथ आए थे. उन्होंने कहा, “टेलीविजन पर दिखाई गई तस्वीरें बहुत नाटकीय थीं.” वहीं, जीतेंद्र कुमार अपनी पत्नी और स्कूल जाने वाले बेटे के साथ टू-व्हीलर पर पहुंचे. लोग दुर्घटना स्थल से महज 100 मीटर की दूरी तक पहुंच रहे थे.

सेल्फी के लिए छतों पर भीड़
मेघानी नगर के ब्लॉक 1 में रहने वाले आदित्य पटानी, जिनका घर बीजे मेडिकल कॉलेज के मेस भवन के सबसे करीब है, ने बताया कि लोगों को उनकी छत पर आने से रोकना मुश्किल हो रहा है. उन्होंने कहा, “छत से विमान की पूंछ का स्पष्ट दृश्य दिखता है. भीड़ को देखते हुए मैंने छत को ताला लगा दिया है. मैं किसी अजनबी को इमारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दे सकता.”

पुलिस के लिए चुनौती
पुलिस कर्मियों को भीड़ को नियंत्रित करने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है. एक पुलिसकर्मी ने बताया, “लोगों को संभालना बहुत मुश्किल है. खासकर युवाओं की संख्या ज्यादा है. हम उनके खिलाफ बल प्रयोग भी नहीं कर सकते.” पुलिस ने कई जगहों पर बैरिकेड्स लगाकर भीड़ को रोकने की कोशिश की, लेकिन लोग फिर भी करीब पहुंचने की जिद पर अड़े थे.

क्यों आकर्षण का केंद्र बना यह स्थल?
15 किलोमीटर दूर रहने वाले क्रुणाल पंचाल ने कहा, “मैं पास में काम से आया था, तो सोचा इस क्षेत्र में हादसे का प्रभाव देख लूं.” यह हादसा न केवल अहमदाबाद, बल्कि पूरे देश के लिए एक त्रासदी है, फिर भी लोगों की जिज्ञासा और सेल्फी की चाहत ने इसे एक अजीबोगरीब पर्यटन स्थल में बदल दिया.