नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 'परीक्षा पे चर्चा' के 9वें संस्करण में देशभर के छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से सीधा संवाद किया. यह कार्यक्रम बड़े उत्साह और उत्सव की तरह मनाया गया, जिसमें लाखों बच्चे शामिल हुए. पीएम मोदी ने विभिन्न स्थानों जैसे गुजरात के देवमोगरा, तमिलनाडु के कोयंबटूर, छत्तीसगढ़ के रायपुर, असम के गुवाहाटी और दिल्ली के लोक कल्याण मार्ग से छात्रों से बात की.
कार्यक्रम के दौरान बच्चे पीएम मोदी को ढेर सारे प्यार भरे तोहफे देते नजर आए. इसमें उनका हाथ से बनाया स्केच, हैंडमेड बुके, पहाड़ी क्षेत्र की डोलची, त्रिपुरा से कोकोनट की लकड़ी का बना सितार, असम का गमछा और ऑर्गेनिक चाय शामिल थी. चाय देखकर पीएम मोदी ने मजाकिया अंदाज में कहा- 'चायवाले को चाय दे रहे हैं.' यह पल सभी के चेहरे पर मुस्कान ले आया.
— BJP (@BJP4India) February 6, 2026
पीएम मोदी ने परीक्षा की तैयारी को लेकर महत्वपूर्ण बातें कही. उन्होंने कहा कि कई छात्र और शिक्षक 10 साल पुराने पैटर्न पर ही निर्भर रहते हैं. पहले 'श्योर सजेशन' और 'जरूरी सवाल' का चलन था, जो आज भी जारी है. उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि यह 'बीमारी' उनके समय में भी थी. कुछ शिक्षक सिर्फ अच्छे नंबर दिलाने वाले टॉपिक पढ़ाते हैं ताकि उनका रिजल्ट अच्छा दिखे, लेकिन अच्छे शिक्षक पूरे सिलेबस को गहराई से पढ़ाते हैं और उसके जीवन में महत्व को समझाते हैं.
उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि सर्वांगीण विकास पर फोकस करें, सिर्फ नंबरों की दौड़ में न पड़ें. एक छात्र के गेमिंग से जुड़े सवाल पर पीएम मोदी ने खास सलाह दी. उन्होंने कहा कि गेमिंग एक स्किल है, इसे सीखना चाहिए. इसमें स्पीड, रिफ्लेक्स और ब्रेन डेवलपमेंट होता है, जो फायदेमंद है. लेकिन जुआ या सट्टेबाजी वाले गेम से दूर रहें, क्योंकि यह समय की बर्बादी है.
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पीएम मोदी ने पंचतंत्र की कहानियों का जिक्र कर नैतिक मूल्यों पर जोर दिया, जो जीवन में संतुलन सिखाती हैं. PM ने एक और महत्वपूर्ण बात कही, 'मैं पीएम बन गया हूं, फिर भी कोई ना कोई मुझे आकर सिखाता रहता है कि अपना काम कैसे करना है.'
उन्होंने छात्रों को सीख दी कि सफलता के बाद भी सीखना कभी नहीं छोड़ना चाहिए. जीवन भर नई चीजें सीखते रहें, पैटर्न बदलते रहें. उन्होंने कहा कि सपना देखना जरूरी है, सपना न होना अपराध है. यह कार्यक्रम परीक्षा के तनाव को कम करने, फोकस बढ़ाने और संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देता है. पीएम मोदी की बातें छात्रों के लिए मोटिवेशनल रहीं, जो बोर्ड और अन्य परीक्षाओं की तैयारी में उन्हें मजबूती देंगी.