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पद्म पुरस्कार-2026 का ऐलान, गुमनाम नायकों को मिला देश का सर्वोच्च सम्मान; देखें लिस्ट

पद्म पुरस्कार 2026 में सरकार ने समाज की चुपचाप सेवा करने वाले 45 गुमनाम नायकों को पद्म श्री से सम्मानित किया है. ये लोग साहित्य, शिक्षा, चिकित्सा, कला और समाजसेवा जैसे क्षेत्रों में वर्षों से जनकल्याण का काम कर रहे हैं.

Kanhaiya Kumar Jha
पद्म पुरस्कार-2026 का ऐलान, गुमनाम नायकों को मिला देश का सर्वोच्च सम्मान; देखें लिस्ट
Courtesy: Gemini AI

नई दिल्ली: पद्म पुरस्कार 2026 की घोषणा के साथ ही देश ने उन लोगों को पहचान दी है, जो बिना किसी प्रचार के समाज की रीढ़ बने रहे. इस बार की सूची खास इसलिए है, क्योंकि इसमें चर्चित चेहरों से ज्यादा ऐसे नाम हैं, जिन्होंने अपने काम से बदलाव की नींव रखी. पूर्व बस कंडक्टर, लोक कलाकार, शिक्षक, डॉक्टर और सामाजिक कार्यकर्ता जैसे साधारण दिखने वाले लोग इस सम्मान के केंद्र में हैं. गणतंत्र दिवस पर दिए जाने वाले इन पुरस्कारों ने एक बार फिर सेवा की असली परिभाषा सामने रखी है.

पद्म पुरस्कारों की परंपरा हमेशा से विशिष्ट योगदान को पहचानने की रही है, लेकिन इस साल का चयन समाज के उन कोनों तक पहुंचता दिखता है, जहां काम तो बहुत हुआ, पर नाम नहीं मिला. पद्म श्री पाने वाले 45 लोगों ने अपने-अपने क्षेत्रों में दशकों तक लगातार सेवा की. किसी ने आदिवासी संस्कृति को सहेजा, तो किसी ने दूरदराज इलाकों में शिक्षा और स्वास्थ्य की अलख जगाई.

साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान

इस सूची में साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े कई नाम शामिल हैं. अंके गौड़ा, बृज लाल भट्ट, बुधरी ताती, भगवानदास रायकवार और धर्मिक लाल चुन्नीलाल पांड्या जैसे लोगों ने भाषा, लोक ज्ञान और शिक्षा के विस्तार में अहम भूमिका निभाई. इन्होंने किताबों, लोक कथाओं और शिक्षण कार्यों के जरिए आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़े रखा.

कला, संस्कृति और लोक परंपराओं की रक्षा

लोक कलाकारों और पारंपरिक कला को जीवित रखने वाले कई साधकों को भी पद्म श्री मिला है. भिकल्या लाडक्या धिंडा, कोल्लक्कायिल देवकी अम्मा जी, राजस्थापति कलियप्पा गौंडर और टगा राम भील जैसे नाम उन लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने नृत्य, संगीत और शिल्प के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत को बचाए रखा. इनका योगदान मंच से ज्यादा जमीन पर दिखता है.

समाजसेवा और जनकल्याण की मिसाल

पद्म श्री सूची में समाजसेवा और जनकल्याण से जुड़े कई प्रेरक नाम हैं. पूर्व बस कंडक्टर, ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता और आदिवासी अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले लोग इसमें शामिल हैं. महेंद्र कुमार मिश्रा, खेम राज सुंद्रियाल, नरेश चंद्र देव वर्मा और विश्व बंधु जैसे नामों ने बिना संसाधनों के भी समाज में सकारात्मक बदलाव लाया.

पूरी सूची में विविधता और प्रेरणा

सरकार द्वारा जारी पूरी सूची में कुल 45 नाम शामिल हैं, जिनमें चिकित्सक, शिक्षक, किसान, लोक कलाकार और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद हैं. यह विविधता दिखाती है कि सेवा किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं होती. पद्म पुरस्कार 2026 ने यह संदेश दिया है कि सच्चा योगदान वही है, जो समाज को भीतर से मजबूत करे, भले ही वह सुर्खियों से दूर क्यों न हो.

यहां देखें लिस्ट- 

  1. अर्मिडा फर्नांडिस
  2. भगवंदास रायकवार
  3. भिकल्या लाडक्या धिंडा
  4. बृज लाल भट्ट
  5. बुधरी ताती
  6. चरण हेम्ब्रम
  7. चिरंजी लाल यादव
  8. धर्मिक लाल चुनीलाल पांड्या
  9. गफरुद्दीन मेवाती जोगी
  10. हल्ली वार
  11. इंदरजीत सिंह सिद्धू
  12. के. पजनिवेल
  13. कैलाश चंद्र पंत
  14. खेम राज सुंद्रियाल
  15. कोल्लक्कायिल देवकी अम्मा जी
  16. कुमारस्वामी थंगराज
  17. महेंद्र कुमार मिश्रा
  18. मीर हाजीभाई कासमभाई
  19. मोहन नागर
  20. नरेश चंद्र देव वर्मा
  21. नीलेश विनोदचंद्र मंडलेवाला
  22. नूरुद्दीन अहमद
  23. ओथुवर तिरुथनी स्वामीनाथन
  24. पद्मा गुरमेत
  25. पोखिला लेक्थेपी
  26. पुन्नियामूर्ति नटेसन
  27. आर. कृष्णन
  28. रघुपत सिंह
  29. रघुवीर तुकाराम खेड़कर
  30. राजस्थापति कलियप्पा गौंडर
  31. रामा रेड्डी मामिडि
  32. रामचंद्र गोदबोले और सुनीता गोदबोले
  33. एस. जी. सुशीला मां
  34. संगयूसांग एस. पोंगेनेर
  35. शफी शौक
  36. श्रीरंग देवबा लाड
  37. श्याम सुंदर
  38. सिमांचल पात्रो
  39. सुरेश हनगावादी
  40. टगा राम भील
  41. टेची गुबिन
  42. तिरुवरूर बख्तवत्सलम
  43. विश्व बंधु
  44. म्नम जत्रा सिंह