विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने रविवार को भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर और अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की. इस बैठक में भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत करने, सिक्योरिटी, ट्रेड और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई. जयशंकर ने इसे एक “अच्छी और सकारात्मक बातचीत” बताया.
इस मुलाकात में भारत-अमेरिका द्विपक्षीय रिश्तों के साथ-साथ यूक्रेन संघर्ष और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिति पर भी बात हुई. विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि अमेरिकी कांग्रेस के साथ संवाद दोनों देशों के रिश्तों का अहम हिस्सा रहा है.
A good interaction with US Congressional Delegation comprising @RepMikeRogersAL, @RepAdamSmith and @JimmyPatronis along with @USAmbIndia.
Discussed various aspects of India US ties, Indo Pacific and Ukraine conflict.
Congressional interactions have always been an important… pic.twitter.com/zD1wjgEV5Z— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) January 25, 2026Also Read
यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब हाल के दिनों में भारत और अमेरिका के बीच लगातार उच्च स्तर की बातचीत हो रही है. 13 जनवरी को जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बात की थी. इस बातचीत में ट्रेड, क्रिटिकल मिनरल्स, न्यूक्लियर सहयोग, डिफेंस और एनर्जी जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी. दोनों पक्षों ने संपर्क में बने रहने पर सहमति जताई.
#WATCH | Delhi: After assuming charge as the US Ambassador to India, Sergio Gor says, "... No partner is more essential than India. In the months and years ahead, it is my goal as ambassador to pursue a very ambitious agenda. We will do this as true strategic partners, each… pic.twitter.com/0qY9AgRoHw
— ANI (@ANI) January 12, 2026
इसी कड़ी में अमेरिकी सीनेटर स्टीव डाइन्स ने भारत यात्रा के दौरान ट्रेड डील, डिफेंस सहयोग और सुरक्षित सप्लाई चेन पर जोर दिया. उन्होंने दालों से जुड़े मुद्दों को भी भविष्य के ट्रेड समझौते में शामिल करने की बात कही. उनकी मुलाकात जयशंकर, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और भारतीय व्यापारिक नेताओं से हुई.
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि वॉशिंगटन के लिए भारत जितना जरूरी कोई और देश नहीं है. उन्होंने माना कि ट्रेड जैसे मुद्दों पर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन दोनों देश अंत में समाधान निकाल लेते हैं. गोर ने यह भी ऐलान किया कि भारत को जल्द ही अमेरिका की अगुवाई वाले Pax Silica Alliance में शामिल होने का निमंत्रण दिया जाएगा.