Omar Abdullah: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को हुई फांसी पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने इंटरव्यू में कहा कि 2001 के संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी देने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं हुआ. अगर इस केस में जम्मू-कश्मीर सरकार की अनुमति की जरूरत होती तो वह अफजल गुरु को फांसी नहीं देती.
2001 के भारतीय संसद हमले के पीछे मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक गुरु को फरवरी 2013 में तिहाड़ जेल में फांसी दी गई थी. समाचार एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में उमर अब्दुल्ला ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि उसे फांसी देने से कोई उद्देश्य पूरा हुआ."
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— ANI (@ANI) September 6, 2024
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संसद हमले के दोषी को लेकर उमर अब्दुल्ला का इस तरह बयान देने अलग-अलग तरीकों से देखा जा रहा है. उनके इस बयान पर बीजेपी ने तीखा पलटवार किया है. भाजपा के साजिद यूसुफ ने कहा कि गुरु को फांसी देना जम्मू-कश्मीर के लोगों को न्याय दिलाने की दिशा में एक आवश्यक कदम था. वहीं, उनके बयान को लेकर कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा, "हम यहां इस पर चर्चा क्यों कर रहे हैं? यह चुनाव का समय है. लोग बयान देते हैं. मैं यहां इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहता."
नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला ने आगामी जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों के लिए बडगाम निर्वाचन क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया. अब्दुल्ला के साथ नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता आगा रूहुल्लाह मेहदी, आगा महमूद, पार्टी कोषाध्यक्ष शम्मी ओबेरॉय और प्रांतीय सचिव शौकत मीर भी थे. जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री दो निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने बुधवार को अपने पारिवारिक गढ़ गंदेरबल से अपना पर्चा दाखिल किया थी. 90 सदस्यीय जम्मू-कश्मीर विधानसभा के लिए 18 सितंबर, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को तीन चरणों में मतदान होना है और 8 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव के नतीजें आएंगे.