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हिमाचल में वैध होगी भांग की खेती! विधानसभा में हुआ ये काम, अब सरकार बनाएगी पॉलिसी

Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश में भांग की वैध खेती का रास्ता लगभग साफ होता दिख रहा है. भांग की खेती को वैध बनाने को लेकर गठित की गई कमेटी की रिपोर्ट को शुक्रवार को विधानसभा में पेश किया गया. सदन ने कमेटी की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है.

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हिमाचल में वैध होगी भांग की खेती! विधानसभा में हुआ ये काम, अब सरकार बनाएगी पॉलिसी
Courtesy: @greenhousegrower

Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने भांग की खेती को वैध बनाने को लेकर गठित की गई कमेटी की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है. शुक्रवार को सुक्खू सरकार ने कमेटी की रिपोर्ट को सदन में पेश किया. विधानसभा ने रिपोर्ट को सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है. यानी जल्द ही हिमाचल प्रदेश में भांग की खेती को वैध माना जाएगा. दरअसल, औषधीय और मेडिसिन इंडस्ट्रीज में भाग का उपयोग किया जाता है, इसीलिए सरकार भांग की खेती को वैध करना चाह रही है. कमेटि ने अपनी रिपोर्ट में नियंत्रित वातावरण में भांग की खेती की सिफारिश की थी.

हिमाचल सरकार में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि भांग को वैध बनाने के लिए गठित की गई कमेटी की रिपोर्ट को विधानसभा ने स्वीकार कर लिया है. इसका ये मतलब है कि प्रदेश चाहता है कि भांग की खेती को वैध मान्यता दी जाए. 

राजस्व मंत्री ने दी जानकारी

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा, "राज्य में भाग की खेती को वैधता मिलने से लोगों की आय बढ़ेगी. क्योंकि इसका उपयोग औषधीय व मेडिसिन बनाने में किया जाता है. इससे सीधे तौर पर भांग की खेती करने वाले लोगों को फायदा होगा. सदन का रिपोर्ट का स्वीकार करने का अर्थ है कि हिमाचल में वैध तरीके से भांग की खेती करने का रास्ता साफ हो गया है."

कमेटी में सभी राजनीतिक दलों के सदस्य थे शामिल

अब हिमाचल में भांग की खेती को वैध बनाने के लिए सरकार जल्द से जल्द पॉलिसी और एसओपी लाएगी. भांग की खेती को वैध बनाने के लिए जो कमेटि गठित की गई थी उसे NDPS अधिनियम 1985 की धारा 10 और 14 के तहत हिमाचल प्रदेश एनडीपीएस नियम 1989 के नियम 29 के साथ औषधीय, वैज्ञानिक और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए राज्य में भांग/भांग (चरस को छोड़कर) की खेती को वैध बनाने के मुद्दे की जांच करने का काम सौंपा गया था. 26 अप्रैल, 2023 को गठित इस समिति में वैज्ञानिक, बागवानी विशेषज्ञ और सभी राजनीतिक दलों के सदस्य शामिल थे.

इन राज्यों में भांग की खेती

कमेटी ने मध्य प्रदएश और जम्मू&कश्मीर का दौरा किया था ताकि ये पता लगाया जा सके कि किस तरह से दायरे में रहकर भांग की वैध खेती की जा सके.  उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में नियंत्रित भांग की खेती की अनुमति है.