कैब बुकिंग में बड़ा बदलाव, Ola-Uber-Rapido पर सरकार सख्त; एडवांस टिप फीचर बंद

केंद्र सरकार ने ओला, उबर और रैपिडो को राइड शुरू होने से पहले टिप देने की सुविधा बंद करने का निर्देश दिया है. सरकार ने इसे यात्रियों पर अनावश्यक भुगतान दबाव से जोड़ा.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: कैब बुक करते समय अब यात्री को राइड मिलने से पहले टिप देने के विकल्प से राहत मिल सकती है. केंद्र सरकार ने ओला, उबर और रैपिडो जैसे प्रमुख राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म्स को एडवांस टिप की सुविधा तत्काल बंद करने का निर्देश दिया है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए कहा कि पहले से टिप देने का विकल्प यात्रियों के मन में यह धारणा पैदा कर सकता है कि अतिरिक्त भुगतान करने से राइड जल्दी मिलेगी.

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने प्लेटफॉर्म्स को जारी सर्कुलर में एडवांस टिप की व्यवस्था पर स्पष्ट आपत्ति जताई है. मंत्रालय के मुताबिक, कुछ ऐप्स पर यात्री राइड शुरू होने से पहले ही चालक के लिए टिप चुन सकते थे. सरकार का मानना है कि खासकर अधिक मांग वाले समय में यह विकल्प यात्रियों को अतिरिक्त भुगतान करने के लिए मानसिक रूप से प्रभावित कर सकता है.

टिप का फैसला यात्री की मर्जी से

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि टिप किसी भी राइड का अनिवार्य हिस्सा नहीं हो सकती. यात्री को चालक की सेवा से संतुष्ट होने के बाद अपनी इच्छा से टिप देने का अधिकार है. इसका फैसला राइड पूरी होने के बाद किया जाना चाहिए. सरकार चाहती है कि टिप को राइड मिलने, चालक के चयन या बुकिंग की प्राथमिकता से किसी भी रूप में नहीं जोड़ा जाए.


ज्यादा मांग के समय बढ़ सकती है परेशानी

राइड-हेलिंग सेवाओं में व्यस्त समय के दौरान बुकिंग की मांग अचानक बढ़ जाती है. ऐसे समय में यदि ऐप पर पहले से टिप देने का विकल्प दिखाई देता है, तो यात्री को यह लग सकता है कि अतिरिक्त भुगतान करने से उसे जल्दी कैब मिल सकती है. सरकार की चिंता इसी संभावित दबाव को लेकर है. मंत्रालय के निर्देश का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राइड हासिल करने के लिए यात्री को टिप देने की जरूरत महसूस न हो.

किराये और टिप के बीच रहे अंतर

सरकार ने प्लेटफॉर्म्स से पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया है. कैब बुकिंग के दौरान यात्री को किराया, अनुमानित यात्रा समय और अन्य शुल्क जैसी जानकारी पहले से मिलती है. ऐसे में टिप को मूल किराये और बुकिंग प्रक्रिया से अलग रखना जरूरी माना गया है. यात्री को यह साफ तौर पर पता होना चाहिए कि टिप सेवा से संतुष्टि के आधार पर दिया जाने वाला स्वैच्छिक भुगतान है, न कि राइड पाने की कोई शर्त.

ओला, उबर और रैपिडो पर असर

ओला, उबर और रैपिडो जैसे प्लेटफॉर्म्स के लिए यह निर्देश सीधे तौर पर ऐप में मौजूद टिप विकल्पों से जुड़ा है. सरकार के अनुसार, राइड से पहले टिप मांगना या उसे किसी तरह बुकिंग प्रक्रिया से जोड़ना उचित नहीं है. अब कंपनियों को एडवांस टिप की सुविधा हटानी होगी. इसके बाद यात्री राइड पूरी होने के बाद ही चालक की सेवा के आधार पर अपनी इच्छा से टिप देने का विकल्प इस्तेमाल कर सकेंगे.