अरुणाचल प्रदेश में चीन द्वारा कथित तौर पर भारतीय क्षेत्र में धीरे-धीरे कब्जा बढ़ाने के दावों को भारतीय सेना ने खारिज कर दिया है. सेना के शीर्ष सूत्रों के मुताबिक, भारत ने कोई क्षेत्र नहीं खोया है और सीमा पर मौजूद सभी पोस्ट भारतीय नियंत्रण में हैं. सेना का कहना है कि कुछ स्थानीय या अन्य दावे सामने आते हैं, लेकिन उनकी पुष्टि के दौरान स्थिति सामान्य और नियंत्रण में मिलती है.
यह प्रतिक्रिया पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (PPA) की एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट के बाद आई है. समिति ने दावा किया कि अपर सुबनसिरी जिले के तवांग इलाके में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने भारतीय सैनिकों की कुछ पारंपरिक पेट्रोलिंग प्वाइंट्स तक पहुंच सीमित कर दी है. समिति ने पारंपरिक चरागाह और शिकार क्षेत्रों पर भी चीनी गतिविधियां बढ़ने का दावा किया.
सेना से जुड़े सूत्रों ने कहा कि चीन लंबे समय से अरुणाचल प्रदेश को ‘साउथ तिब्बत’ बताकर अपना दावा करता रहा है. 1960 की भारत-चीन सीमा वार्ताओं के दौरान भी चीन ने राज्य के बड़े हिस्से पर दावा जताया था. सेना ने 1959 के लोंगजू घटनाक्रम का भी उल्लेख किया, जब चीन ने असम राइफल्स की एक चौकी पर हमला कर उसे अपने कब्जे में ले लिया था.
सेना के अनुसार 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान कामेंग, सुबनसिरी, सियांग और लोहित घाटियों में चीनी सैन्य कार्रवाई हुई थी. युद्धविराम के बाद PLA कई इलाकों से पीछे हट गई. मौजूदा समय में भारत ने सीमा पर सड़क, निगरानी और सैन्य ढांचे को मजबूत किया है. हालांकि, वास्तविक नियंत्रण रेखा का औपचारिक सीमांकन नहीं होने के कारण दोनों देशों की गश्ती टुकड़ियां कभी-कभी आमने-सामने आ जाती हैं.
विवाद के बीच चीन ने भारत-चीन सीमा की स्थिति को सामान्य और स्थिर बताया. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि दोनों देशों के बीच सैन्य और राजनयिक स्तर पर संवाद जारी है. उनके मुताबिक, हाल की बैठक में दोनों पक्षों ने सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने पर सहमति जताई.
PPA की चार सदस्यीय समिति ने 10 जुलाई को तवांग क्षेत्र का दौरा किया था. पूर्व मंत्री और PPA के मुख्य सलाहकार कहफा बेंगिया के नेतृत्व वाली टीम ने स्थानीय नेताओं, बुजुर्गों, बुद्धिजीवियों और तैनात रक्षा कर्मियों से बातचीत की. समिति ने अपनी रिपोर्ट में पारंपरिक पेट्रोलिंग और ग्रामीण गतिविधियों तक पहुंच को लेकर चिंता जताई है. हालांकि सेना का कहना है कि भारतीय क्षेत्र और सीमा चौकियां पूरी तरह नियंत्रण में हैं और चीन की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.