World Heart Day: 99% लोग नहीं जानते होंगे दिल से जुड़ी ये 7 बातें, जानें कब शुरू होता है दिल बनना

दिल हमारे शरीर के सबसे जरूरी अंगों में से एक है. इसका मुख्य काम पूरे शरीर में खून पहुंचाना है. अगर आपको नहीं पता तो बता दें कि दिल चार हिस्सों यानी चार चैंबर में बंटा होता है. चलिए जानते हैं दिल से जुड़े कुछ एक्साइटिंग फैक्ट्स.

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Shilpa Srivastava

नई दिल्ली: दिल हमारे शरीर के सबसे जरूरी अंगों में से एक है. इसका मुख्य काम पूरे शरीर में खून पहुंचाना है. अगर आपको नहीं पता तो बता दें कि दिल चार हिस्सों यानी चार चैंबर में बंटा होता है. इन्हीं की मदद से खून फेफड़ों और शरीर के बाकी हिस्सों तक पहुंचता है. हर साल 29 सितंबर को World Heart Day मनाया जाता है. इसका उद्देश्य लोगों को दिल की सेहत और हृदय रोगों के बारे में जागरूक करना है. 2026 में वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन की थीम Don’t Miss a Beat है. तो इस मौके पर जानते हैं दिल से जुड़े कुछ एक्साइटिंग फैक्ट्स.

सबसे पहले बनना शुरू होता है दिल:

क्या आप जानते हैं कि एक भ्रूण में सबसे पहले कौन-सा हिस्सा बनता है. भ्रूण में सबसे पहले दिल का विकास होता है. यह लगभग तीसरे सप्ताह में शुरू हो जाता है. करीब चौथे सप्ताह तक दिल में धड़कन शुरू हो जाती है. यह नॉर्मल दिल जैसा नहीं होता है, बल्कि एक छोटी-सी ट्यूब के तौर पर डेवलप होता है. आगे चलकर यही चार चेंबर वाले दिल के तौर पर डेवलप हो जाता है. 

एक मिनट में कितनी बार धड़कता है दिल?

आमतौर पर एक हेल्दी व्यक्ति का दिल 60 से 100 बीट प्रति मिनट के बीच हो सकती है. देखा जाए तो 72 बीट प्रति मिनट केवल एक उदाहरण है. हर व्यक्ति का हार्ट रेट इतना ही हो यह जरूरी नहीं है. उम्र, तनाव, व्यायाम, दवाइयां और कई अन्य चीजें हार्ट रेट को प्रभावित कर सकती हैं. 


हर मिनट शरीर में पहुंचाता है खून:

दिल लगातार खून को पंप करता है. खून फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर शरीर के हर हिस्से तक पहुंचाता है. आराम की स्थिति में एक वयस्क का कार्डियक आउटपुट आमतौर पर करीब 5 लीटर प्रति मिनट के आसपास हो सकता है, हालांकि यह व्यक्ति की स्थिति और गतिविधि के अनुसार बदलता रहता है. यानी दिल दिनभर में हजारों लीटर खून को सर्कुलेशन में बनाए रखने में मदद करता है.

मुट्ठी के आसपास होता है दिल का साइज:

आम तौर पर दिल का आकार व्यक्ति की मुट्ठी के आसपास माना जाता है. इसका वजन व्यक्ति के शरीर के आकार और लिंग समेत कई चीजों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है. इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि हर महिला या पुरुष के दिल का वजन निश्चित हो होता है. दिल की मांसपेशी लगातार सिकुड़ती और फैलती रहती है. इसी प्रक्रिया से खून आगे पंप होता है.

प्यार, डर और तनाव से क्यों बढ़ जाती है धड़कन?

जब हम डरते हैं, तनाव में होते हैं, व्यायाम करते हैं या कोई भावनात्मक स्थिति पैदा होती है तो शरीर में ऐसे बदलाव होते हैं जिनसे हार्ट रेट बढ़ सकती है. इसलिए किसी को पसंद करने या भावनात्मक उत्साह की स्थिति में भी दिल की धड़कन तेज महसूस हो सकती है. 

दिल की सेहत क्यों है इतनी जरूरी?

वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन के मुताबिक, हार्ट और ब्लड वेसल्स से जुड़ी बीमारियां दुनिया में मौत का सबसे बड़ा कारण हैं. हालांकि, कई जोखिमों को स्वस्थ जीवनशैली और सही इलाज के जरिए नियंत्रित या कम किया जा सकता है. इसलिए नियमित व्यायाम, संतुलित खान-पान, धूम्रपान से दूरी और ब्लड प्रेशर जैसी चीजों पर ध्यान देना दिल की सेहत के लिए महत्वपूर्ण है. किसी भी असामान्य लक्षण या लगातार असामान्य हार्ट रेट को नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है.