छत्तीसगढ़ कैडर के 2022 बैच के IPS अधिकारी राहुल बंसल इन दिनों एक पुराने वीडियो और नए रिश्वत आरोपों के कारण चर्चा में हैं. सिविल सेवा की तैयारी के दौरान दिए गए एक मॉक इंटरव्यू में उन्होंने भ्रष्टाचार पर अपनी चिंता जाहिर की थी. अब उसी वीडियो को लोग एक अलग संदर्भ में देख रहे हैं.
पुराने वीडियो में बंसल ने बताया था कि उनके भाई को जरूरी जन्म प्रमाणपत्र चाहिए था. उनके मुताबिक, भाई IIT कानपुर में पढ़ रहे थे और एक पेपर प्रस्तुत करने के लिए अमेरिका जाने वाले थे, इसलिए वीजा प्रक्रिया के लिए प्रमाणपत्र जरूरी था. बंसल ने दावा किया था कि पंचायत के एक अधिकारी ने तत्काल प्रमाणपत्र जारी करने के बदले 500 रुपए मांगे थे. उन्होंने कहा था कि रिश्वत देने में उन्हें ‘बहुत बुरा लगा’.
This is a mock interview of Rahul Bansal, IPS trainee. Look at how he was concerned about corruption in the bureaucracy, how he himself had been a victim of it, and how he expressed anguish at it.
— THE SKIN DOCTOR (@theskindoctor13) August 12, 2026
He is now under scanner for allegedly demanding and receiving ₹1 crore to settle… pic.twitter.com/H7LIGYK3kS
मॉक इंटरव्यू में बंसल ने पुलिस और प्रशासन में सुधार की जरूरत पर भी बात की थी. उन्होंने कहा था कि कुछ लोग भ्रष्ट और अक्षम हो सकते हैं, लेकिन इसके लिए पूरी व्यवस्था को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. उनके मुताबिक पुलिसिंग में सुधार और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को बेहतर बनाना जरूरी है.
दिल्ली की एक विशेष CBI अदालत में दायर शिकायत में राहुल बंसल के अलावा सहायक उपनिरीक्षक प्रवीण कुमार राठौर और कांस्टेबल अंशुल शर्मा के नाम भी शामिल हैं. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि साइबर फ्रॉड से जुड़े एक मामले को निपटाने के लिए कथित तौर पर 1 करोड़ की रकम मांगी और ली गई.
शिकायत के मुताबिक कथित 1 करोड़ का भुगतान एक साथ नहीं, बल्कि 50-50 लाख की दो किस्तों में किया गया. इसमें दावा किया गया है कि मई 2026 में हवाला चैनलों के जरिए रकम पहुंचाई गई. शिकायतकर्ता ने कथित लेनदेन से जुड़े डिजिटल साक्ष्य के तौर पर WhatsApp बातचीत और कॉल रिकॉर्डिंग भी अदालत के समक्ष पेश करने का दावा किया है.
विशेष अदालत ने छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक और केंद्रीय जांच ब्यूरो से Action Taken Report मांगी है. रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो सकता है कि आरोपों पर राज्य पुलिस या CBI ने अब तक क्या कदम उठाए हैं और क्या मामले में औपचारिक जांच शुरू की गई है. फिलहाल आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
IPS में आने से पहले राहुल बंसल आयकर विभाग में इंस्पेक्टर के तौर पर काम कर चुके हैं. IPS बनने के बाद उनकी पहली फील्ड पोस्टिंग छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में सिटी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस के तौर पर हुई थी. इसी कार्यकाल से साइबर फ्रॉड मामले से जुड़े मौजूदा आरोप सामने आने की बात शिकायत में कही गई है.
पुराने वीडियो में 500 की रिश्वत पर नाराजगी जताने वाले बंसल पर अब 1 करोड़ की रिश्वत से जुड़ा आरोप है. 1 करोड़, 500 से 20,000 गुना अधिक है. हालांकि, यह विरोधाभास केवल सार्वजनिक चर्चा का विषय है और इससे आरोप साबित नहीं होते. मामले में जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट होगी.