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NSA अजित डोभाल ने बताया: क्यों नहीं करते फोन और इंटरनेट का इस्तेमाल

कार्यक्रम में जब उनसे पूछा गया कि आज के डिजिटल दौर में वे कैसे संपर्क करते हैं, तो अजित डोभाल ने साफ कहा कि वे निजी बातचीत के लिए फोन और इंटरनेट से बचते हैं.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
NSA अजित डोभाल ने बताया: क्यों नहीं करते फोन और इंटरनेट का इस्तेमाल
Courtesy: pinterest

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने कहा है कि वे आमतौर पर फोन और इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करते. उन्होंने यह बात विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग कार्यक्रम में कही. इस कार्यक्रम में देशभर से करीब 3,000 युवा शामिल हुए थे.

फोन और इंटरनेट से दूरी क्यों?

कार्यक्रम में जब उनसे पूछा गया कि आज के डिजिटल दौर में वे कैसे संपर्क करते हैं, तो अजित डोभाल ने साफ कहा कि वे निजी बातचीत के लिए फोन और इंटरनेट से बचते हैं. उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर विदेश में किसी से संपर्क करना हो, तभी वे इन साधनों का उपयोग करते हैं. इसके अलावा, उन्होंने संकेत दिया कि सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवाद के ऐसे तरीके भी होते हैं, जिनकी जानकारी आम लोगों को नहीं होती. उनका मानना है कि संवेदनशील पदों पर बैठे लोगों के लिए सावधानी बहुत जरूरी है.

देश को हर क्षेत्र में मजबूत बनाने की जरूरत

अजित डोभाल ने कहा कि भारत को सिर्फ सीमाओं पर ही नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था, समाज और विकास के हर क्षेत्र में मजबूत बनना होगा. उन्होंने कहा कि हमारे इतिहास में जो दुख और अपमान झेलना पड़ा, उससे सीख लेकर देश को फिर से महान बनाना जरूरी है.

स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का स्मरण

उन्होंने युवाओं को याद दिलाया कि आजादी आसानी से नहीं मिली. भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस और महात्मा गांधी जैसे महान लोगों ने देश के लिए अपना जीवन समर्पित किया. उन्होंने कहा कि आज के युवा सौभाग्यशाली हैं कि वे आज़ाद भारत में जन्मे हैं.

युवाओं के लिए नेतृत्व और अनुशासन का संदेश

NSA ने मजबूत नेतृत्व पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि प्रेरणा थोड़े समय के लिए होती है, लेकिन अनुशासन जीवनभर साथ देता है. उनके अनुसार, सपने दिशा दिखाते हैं, लेकिन सफलता मेहनत और अनुशासन से मिलती है.

नवाचार और काम पर विश्वास

अजित डोभाल ने युवाओं से कहा कि विज्ञान और तकनीक में नवाचार पर ध्यान दें. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि प्रचार नहीं, बल्कि काम ही सबसे मजबूत संदेश देता है. चुपचाप अच्छा काम करना ही देश को आगे ले जाएगा.