नई दिल्ली: अमेरिकी ने हाल ही में वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया था, जिसके बाद अमेरिकी सेना ने निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया था. अमेरिका में निकोलस मादुरो के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है. इस घटनाक्रम के बाद वेनेजुएला में बड़ा राजनीतिक बदलाव हुआ है. मादुरो की गिरफ्तारी के बाद डेल्सी रोड्रिग्ज ने देश की अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली. इससे पहले वे मादुरो सरकार में उपराष्ट्रपति थी.
शपथ लेते समय डेल्सी रोड्रिग्ज ने कहा कि वह देश पर हुए कथित अवैध सैन्य हस्तक्षेप से दुखी हैं. उन्होंने कहा कि इस घटना से वेनेजुएला के लोगों को बहुत कष्ट हुआ है. उन्होंने आगे कहा कि मैं दो राष्ट्रीय नायकों के अपहरण के दुख के साथ आई हूं.
इस राजनीतिक उथल-पुथल के बीच एक दिलचस्प बात सामने आई है. वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और वर्तमान अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज दोनों ही भारतीय आध्यात्मिक गुरु श्री सत्य साईं बाबा के अनुयायी हैं.
निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस कई वर्षों से सत्य साईं बाबा को मानते रहे हैं. साल 2005 में उन्होंने आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्ती में स्थित प्रशांति निलयम आश्रम का दौरा किया था और सत्य साईं बाबा से निजी मुलाकात की थी. मादुरो के कार्यालय में साईं बाबा की तस्वीर साइमन बोलिवार और पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज जैसे नेताओं की तस्वीरों के साथ लगी रहती थी. 2025 में साईं बाबा की जन्म शताब्दी पर निकोलस मादुरो ने उन्हें प्रकाश और शांति का प्रतीक बताते हुए श्रद्धांजलि दी थी.
डेल्सी रोड्रिग्ज भी सत्य साईं बाबा की भक्त हैं. उपराष्ट्रपति रहते हुए उन्होंने अगस्त 2023 और अक्टूबर 2024 में प्रशांति निलयम का दौरा किया था. इन यात्राओं के दौरान उन्होंने साईं बाबा की समाधि मंदिर में पूजा अर्चना की. अक्टूबर 2024 में वे भारत की आधिकारिक यात्रा पर थी और नई दिल्ली में जगदीप धनखड़ से मिलने के बाद पुट्टपर्ती गई थी. साईं ट्रस्ट के अनुसार, ये यात्राएं पूरी तरह निजी थीं और उन्होंने आश्रम में शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया.वेनेजुएला में साईं बाबा के अनुयायियों की संख्या काफी ज्यादा है और इन नेताओं की आस्था के कारण इस संगठन को वहां विशेष सम्मान मिला है.
वेनेजुएला की सरकार ने सोमवार को यह दिखाने का प्रयास किया कि देश पूरी तरह स्वतंत्र रूप से काम कर रहा है और किसी बाहरी ताकत के नियंत्रण में नहीं है. मादुरो की गिरफ्तारी के बाद यह संदेश देना सरकार के लिए जरूरी हो गया था. सत्तारूढ़ पार्टी से जुड़े सांसद, जिनमें मादुरो का बेटा भी शामिल है. राजधानी काराकास में नेशनल असेंबली के पहले से तय शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए.
मादुरो के बेटे निकोलस मादुरो ग्वेरा ने सार्वजनिक रूप से बयान दिया. उन्होंने कहा कि अगर किसी देश के राष्ट्रपति के अपहरण को सामान्य मान लिया जाए, तो कोई भी देश सुरक्षित नहीं रहेगा. आज यह वेनेजुएला है, कल कोई और देश हो सकता है जो दबाव के आगे झुकने से मना कर दे. उन्होंने कहा कि यह केवल एक क्षेत्र की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया की राजनीतिक स्थिरता के लिए खतरा है.
वेनेजुएला के संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति पद खाली होने की स्थिति में 30 दिनों के भीतर चुनाव कराना जरूरी है. हालांकि, अमेरिकी हस्तक्षेप और देश के अंदर जारी तनाव के कारण हालात सामान्य नहीं है. राजधानी काराकास में फिलहाल शांति बनी हुई है, लेकिन हालात तनावपूर्ण हैं. पूरी दुनिया इस संकट पर नजर बनाए हुए है.