नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश ने एक बार फिर मुश्किलें बढ़ा दी हैं. सिरमौर से लेकर लाहौल-स्पीति और मंडी तक बारिश, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं ने जनजीवन प्रभावित किया है. सिरमौर की चूना पत्थर खान में भूस्खलन के बाद तीन मजदूर मलबे में दब गए. उधर लाहौल-स्पीति में बादल फटने से सड़क बह गई और कई वाहन रास्ते में फंस गए. कालका-शिमला रेलमार्ग पर मलबा आने से चार ट्रेनें भी रद्द करनी पड़ीं.
कफोटा उपमंडल के बांगरण धार स्थित खनन क्षेत्र में मंगलवार को अचानक भूस्खलन हुआ. चूना पत्थर की खान में भारी मलबा गिरने से तीन मजदूर दब गए. ट्रक और एलएनटी मशीन भी मलबे की चपेट में आए हैं. दबे लोगों में कमरऊ तहसील के हेवना गांव का एक स्थानीय व्यक्ति और दो प्रवासी मजदूर शामिल बताए जा रहे हैं. प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं.
नायब तहसीलदार कमरऊ ओम प्रकाश ठाकुर के मुताबिक घटनास्थल पर बचाव अभियान जारी है, लेकिन लगातार मलबा गिरने से मुश्किलें बनी हुई हैं. क्षेत्र को स्लाइडिंग जोन बताया गया है. प्रशासन, पुलिस और बचाव दल सावधानी के साथ अभियान चला रहे हैं. खनन कार्य पर पहले ही रोक लगी हुई थी. बताया गया कि कुछ मजदूर सामान लेने के लिए खान के अंदर गए थे, तभी अचानक भूस्खलन हो गया.
लाहौल-स्पीति में बादल फटने से सड़क का एक हिस्सा बह गया. इससे नीलकंठ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं और किसानों के वाहन रास्ते में फंस गए. मंडी में एनएच-3 पर चट्टानें गिरने के कारण यातायात बाधित हुआ. वहीं कालका-शिमला रेलमार्ग पर मलबा आने से चार ट्रेनों को रद्द करना पड़ा. कई मार्गों पर आवाजाही प्रभावित होने से यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
सिरमौर के संगड़ाह स्थित प्राथमिक स्कूल लगनू में भी बारिश के बीच हादसा हुआ. कक्षा में पढ़ाई के दौरान छत का प्लास्टर एक बच्ची के सिर पर गिर गया. बच्ची घायल हो गई, जिसके बाद शिक्षक उसे तुरंत स्थानीय अस्पताल लेकर पहुंचे. इलाज के दौरान उसके सिर पर 11 टांके लगाए गए. घटना के बाद अभिभावकों ने पुराने और जर्जर स्कूल भवनों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है.
सिरमौर में नाले में अचानक पानी बढ़ने से मातर स्कूल के 43 बच्चे और 12 अध्यापक करीब तीन घंटे तक फंसे रहे. भारी बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं. प्रशासन की टीमें संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं. लगातार बारिश के बीच भूस्खलन और अचानक बढ़ते जलस्तर ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. स्थानीय प्रशासन ने लोगों से मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है.