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NEET Paper Leak Case: CBI ने तालाब से निकलवाए 7 मोबाइल फोन, अब खुल जाएगी पोल?

NEET Paper Leak: इस साल की नीट-यूजी परीक्षा के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फिर से परीक्षा कराने से इनकार कर दिया है. अब सीबीआई को इसी परीक्षा से जुड़ा एक अहम सबूत मिला है. गिरफ्तार किए गए एक आरोपी की निशानदेही पर सीबीआई ने धनबाद के एक तालाब से 7 मोबाइल फोन बरामद किए हैं. अब इनकी जांच करके यह पता लगाया जाएगा कि इनका इस्तेमाल कहां और कैसे किया गया था.

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NEET Paper Leak Case: CBI ने तालाब से निकलवाए 7 मोबाइल फोन, अब खुल जाएगी पोल?
Courtesy: Social Media

NEET-UG पेपर लीक केस की जांच पटना और हजारीबाग के बाद अब झारखंड के धनबाद तक पहुंच गई है. मामले की जांच कर रही सीबीआई ने अब एक आरोपी की निशानदेही पर एक तालाब से कुल 7 मोबाइल फोन बरामद किए हैं. इन फोन को तोड़कर फेंक दिया गया था. इन मोबाइल को सीमेंट की बोरी में बांधकर फेंका गया था ताकि उसे खोजा न जा सके. सीबीआई सभी फोन को अपने साथ ले गई है और डेटा रिकवर करने की कोशिश कर रही है.

रिपोर्ट के मुताबिक, सीबीआई ने शुक्रवार को धनबाद की कंबाइंड बिल्डिंग से पवन कुमार नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया. पवन और एक अन्य युवक के साथ सीबीआई की टीम धनबाद के सुदामडीह थाना क्षेत्र के शहीद गुरुदास चटर्जी फुटबॉल ग्राउंड के पास के एक तालाब तक पहुंची. इन दोनों के बयानों के मुताबिक, तालाब में तीन घंटे तक छानबीन की गई. आखिर में एक बोरी में बंधे हुए सात से ज्यादा टूटे हुए मोबाइल फोन मिले. इसमें दो आईफोन भी थे. सुदामडीह और पाथरडीह पुलिस की मौजूदगी में सीबीआई टीम ने इन फोन को अपने कब्जे में ले लिया है और साथ ले गई है.

इंसुलेटर के साथ बांधकर फेंके थे फोन

सूत्रों के मुताबिक, इन्हीं मोबाइल का इस्तेमाल करके पेपर को फॉरवर्ड किया गया था. अब इनकी फॉरेंसिक जांच की जाएगी. बताया गया है कि सबूत छिपाने के लिए आरोपियों ने मोबाइल फोन को एक बोरी में इंसुलेटर और तार से बांधकर तालाब में फेंका था. बोरी में फोन के साथ इंसुलेटर भी मिले हैं. मोबाइल खोज निकालने के लिए गोताखोरों को 5 हजार रुपये का इनाम भी दिया गया है. हालांकि, सीबीआई और पुलिस की टीम ने इस मामले में ज्यादा बताने से इनकार किया है.

बता दें कि इस केस में अभी तक 3 दर्जन से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि पेपर पूरे देश में लीक नहीं हुए थे ऐसे में दोबारा परीक्षा नहीं कराई जाएगी.