नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने नेशनल हेराल्ड से जुड़े पुराने मामले में एक नया मोड़ ला दिया है. 3 अक्टूबर 2025 को दर्ज की गई ताज़ा प्राथमिकी (FIR) में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी के वरिष्ठ नेता और छह अन्य व्यक्तियों तथा व्यावसायिक संस्थाओं पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
इस FIR के अनुसार, करीब 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति वाली एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड को धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के जरिए हड़पा गया. AJL वही कंपनी है जो कभी नेशनल हेराल्ड अखबार, क़ौमी आवाज़ और नवजीवन प्रकाशन चलाती थी. आरोप है कि यह सब यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी के माध्यम से किया गया, जिसमें गांधी परिवार की 76 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है.
यह प्राथमिकी प्रवर्तन निदेशालय की हेडक्वार्टर इन्वेस्टिगेशन यूनिट (HIU) द्वारा दी गई विस्तृत शिकायत पर आधारित है. ED ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 66(2) का इस्तेमाल करते हुए दिल्ली पुलिस को यह मामला सौंपा था. इस धारा के तहत ED किसी अन्य जांच एजेंसी को अपराध की जांच करने और FIR दर्ज करने का निर्देश दे सकती है.
FIR में कोलकाता की एक कंपनी Dotex Merchandise Private Limited का भी नाम आया है. आरोप है कि इस कथित शेल कंपनी ने यंग इंडियन को एक करोड़ रुपये का लोन दिया था. इसी राशि का इस्तेमाल कर यंग इंडियन ने कांग्रेस पार्टी को मात्र 50 लाख रुपये चुका कर AJL के 99 प्रतिशत से अधिक शेयर अपने नाम कर लिए. बाकी राशि का क्या हुआ, यह जांच का विषय है.
नेशनल हेराल्ड मामला 2012 से ही सुर्खियों में है. भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सबसे पहले इसकी शिकायत की थी. उसके बाद ED और आयकर विभाग भी सक्रिय हुए. अब EOW की नई FIR से यह मामला फिर गरमा गया है. जानकारों का कहना है कि ED की PMLA जांच और EOW की आपराधिक जांच एक-दूसरे के पूरक होंगी, जिससे मामले की गहराई और बढ़ जाएगी.