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India Daily

पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त जारी, देशभर के किसानों के खाते में पहुंचे 2-2 हजार रुपए

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त जारी कर दी गई है. देश के 9.32 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 2000 रुपये भेजे गए हैं, जिससे किसानों को आर्थिक सहारा मिलेगा.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त जारी, देशभर के किसानों के खाते में पहुंचे 2-2 हजार रुपए
Courtesy: pinterest

देश के किसानों को आर्थिक सहायता देने वाली प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत एक और किस्त जारी कर दी गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के गुवाहाटी में आयोजित कार्यक्रम से योजना की 22वीं किस्त किसानों के खातों में भेजी. इस किस्त के तहत प्रत्येक पात्र किसान को 2000 रुपये की राशि सीधे बैंक खाते में दी गई है. सरकार के अनुसार इससे देश के करोड़ों छोटे और मध्यम किसानों को खेती से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी.

करोड़ों किसानों को मिला सीधा लाभ

22वीं किस्त के जारी होने के बाद देश के लगभग 9.32 करोड़ किसानों के खातों में सीधे पैसे पहुंच गए हैं. सरकार ने यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी प्रणाली के जरिए भेजी है. इस योजना का उद्देश्य किसानों को नियमित आर्थिक सहायता देना है ताकि वे खेती से जुड़े छोटे-मोटे खर्च आसानी से उठा सकें. खास बात यह है कि इस बार लाभ पाने वालों में 2.15 करोड़ से अधिक महिला किसान भी शामिल हैं.

योजना के तहत मिलते हैं सालाना 6000 रुपये

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6000 रुपये की सहायता दी जाती है. यह राशि तीन बराबर किस्तों में दी जाती है, यानी हर चार महीने में 2000 रुपये सीधे खाते में भेजे जाते हैं. 22वीं किस्त के साथ अब तक इस योजना के तहत कुल वितरित राशि 4.27 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो चुकी है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की आय को सहारा देने की कोशिश की जा रही है.

पिछली किस्तों के आंकड़े भी अहम

पिछले वर्ष जारी किस्तों के आंकड़े भी योजना की पहुंच को दिखाते हैं. फरवरी 2025 में 19वीं किस्त के रूप में लगभग 9.8 करोड़ किसानों को करीब 22 हजार करोड़ रुपये भेजे गए थे. इसके बाद अगस्त 2025 में 20वीं किस्त के तहत 9.7 करोड़ किसानों को 20,500 करोड़ रुपये मिले. वहीं नवंबर 2025 में 21वीं किस्त के रूप में करीब नौ करोड़ किसानों को 18 हजार करोड़ रुपये की सहायता दी गई थी.

ई-केवाईसी और जांच व्यवस्था जरूरी

सरकार ने योजना का लाभ लेने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया है. किसान ऑनलाइन पोर्टल या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. पोर्टल पर “अपनी स्थिति जानें” सुविधा भी उपलब्ध है, जहां भुगतान और पात्रता की जानकारी मिलती है. इसके अलावा किसानों की मदद के लिए “किसान-ईमित्र” नाम का वॉयस चैटबॉट भी शुरू किया गया है, जो कई भाषाओं में जानकारी देता है.