अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 9 साल बाद चीन दौरे पर जाने वाले हैं. हालांकि अब कुछ रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि चीन जाने से पहले ट्रंप पाकिस्तान में दो घंटे के लिए ठहर सकते हैं. अगर यह दावा सच होता है तो दो दशकों बाद पहली बार ऐसा होगा कि कोई अमेरिकी राष्ट्रपति पाकिस्तान में कदम रखेगा.
पाकिस्तान की यात्रा के बारे में अमेरिका की ओर से कोई भी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. लेकिन पाकिस्तान के एक न्यूज चैनल में इस बात की जानकारी दी गई है. इस रिपोर्ट में बताया गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति इस यात्रा के दौरान कुछ घंटे के लिए स्टॉप ले सकते हैं. इस दौरान वह नूर खान एयर बेस पर उतरेंगे.
ईरान-अमेरिका युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई है. पाकिस्तान के इस कोशिश के लिए राष्ट्रपति ट्रंप ने पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर और पीएम शहबाज शरीफ की तारीफ भी की. जिसके कारण यह उम्मीद और भी ज्याद बढ़ गई है कि ट्रंप इस यात्रा के दौरान पाकिस्तान में थोड़ी देर के लिए ठहर सकते हैं. हालांकि अगर ऐसा होता है तो यह एक ऐतिहासिक दृश्य होगा. क्योंकि पिछले लगभग दो दशकों में कोई भी अमेरिकी राष्ट्रपति पाकिस्तान के दौरे पर नहीं आए हैं. ट्रंप से पहले राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने पाकिस्तान का दौरा किया था. इसके बाद बराक ओबामा, जो बाइडन और डोनाल्ड ट्रंप अपने पहले कार्यकाल के दौरान नहीं आए थे.
पाकिस्तान ने पिछले कुछ सालों में अमेरिका के साथ अपने संबंध बेहतर किए हैं. जिसकी वजह से यह उम्मीद की जा रही है कि राष्ट्रपति ट्रंप कुछ देर के लिए ही सही लेकिन पाक दौरे पर जा सकते हैं. हालांकि अभी कुछ मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने ईरान को अपना एयरबेस दिया था. लेकिन अभी तक इस बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी गई है, अगर यह रिपोर्ट सही होता है तो शायद एक बार फिर से पाकिस्तान से अमेरिका का भरोसा खत्म हो सकता है.
हालांकि ईरान के साथ युद्ध के बीच अमेरिका का चीन दौरा भी काफी अहम है. यह एक नए अलायंस की ओर इशारा कर रहा है. व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उनकी यह यात्रा 13 से 15 मई के बीच होगी. हालांकि उनकी यह यात्रा पहले ही होनी थी लेकिन युद्ध के कारण टल गया था. कई सालों बाद एक बार फिर से chinamerica अपने रिश्ते मजबूत करने की कोशिश में जुटा है.