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कौन हैं मुंबई की 'मेट्रो वूमन' अश्विनी भिड़े? जिन्हें मिल सकती है BMC की कमान

अश्विनी भिड़े बनेंगी BMC की पहली महिला आयुक्त. 55 वर्षीय 1995 बैच की आईएएस अधिकारी मुंबई मेट्रो लाइन 3 की प्रमुख भूमिका के लिए जानी जाती हैं. भूषण गाग्रानी के रिटायरमेंट के बाद यह ऐतिहासिक नियुक्ति होने जा रही है, जो देश के सबसे अमीर नगर निगम में महिला नेतृत्व का नया अध्याय खोलेगी.  

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
कौन हैं मुंबई की 'मेट्रो वूमन' अश्विनी भिड़े? जिन्हें मिल सकती है BMC की कमान
Courtesy: @AshwiniBhide

मुंबई की नगरपालिका प्रशासन में जल्द ही एक यादगार बदलाव देखने को मिल सकता है. वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अश्विनी भिड़े ब्रिहनमुंबई नगर निगम यानी बीएमसी की आयुक्त पद की सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरी हैं. अगर उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई तो वे इस देश के सबसे अमीर नगर पालिका की पहली महिला प्रमुख बन जाएंगी.

दरअसल मौजूदा आयुक्त भूषण गाग्रानी मंगलवार को रिटायर हो रहे हैं. यह फैसला सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं बल्कि शहर की विकास योजनाओं को गति देने वाला भी माना जा रहा है. हाल ही में हुए नगर निगम चुनावों के बाद भाजपा ने शिवसेना के समर्थन से सत्ता संभाली है.

कौन हैं अश्विनी भिड़े?

अश्विनी भिड़े 1995 बैच की आईएएस अधिकारी हैं. उन्हें मुंबई में 'मेट्रो वुमन' के नाम से जाना जाता है. फिलहाल वे मुख्यमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर हैं और मुंबई मेट्रो रेल निगम की भी कमान संभाल रही हैं. कोल्हापुर से अपनी सेवा शुरू करने वाली भिड़े नागपुर और सिंधुदुर्ग जिला परिषद की सीईओ रह चुकी हैं. इसके अलावा उन्होंने राज भवन, एमएमआरडीए और बीएमसी में भी महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है. उनकी कार्यशैली को कुशल और चुनौतीपूर्ण परियोजनाओं को पूरा करने वाली माना जाता है.

मेट्रो 3 परियोजना की चुनौतियां

मुंबई मेट्रो लाइन 3 यानी एक्वा लाइन पर काम करते हुए अश्विनी भिड़े की पहचान बनी. कोलाबा से सीप्ज तक की यह पहली अंडरग्राउंड मेट्रो सुरंग पुरानी इमारतों के नीचे से निकाली गई. भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास जैसे मुद्दे राजनीतिक रूप से संवेदनशील रहे. आरेय कॉलोनी में प्रस्तावित कार शेड पर पर्यावरणविदों का विरोध हुआ क्योंकि यह स्थान संजय गांधी नेशनल पार्क के पास था. उद्धव ठाकरे सरकार में परियोजना रुकी रही लेकिन 2022 में सत्ता बदलने के बाद इसे फिर से गति मिली. भिड़े को दोबारा एमएमआरसी का प्रमुख बनाया गया और उन्होंने परियोजना को पटरी पर लाने में अहम भूमिका निभाई.

नियुक्ति पर हो रही चर्चा

बीएमसी आयुक्त पद के लिए फैसला लेने से पहले सोमवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बैठक की. सूत्रों के मुताबिक अश्विनी भिड़े ने शिंदे से अलग से मुलाकात भी की. फडणवीस भिड़े के पक्ष में बताए जा रहे हैं जबकि शिंदे शहरी विकास विभाग प्रमुख असीम गुप्ता का समर्थन कर रहे हैं. अन्य नामों में राजस्व विभाग के विकास खारगे और लोक निर्माण विभाग के मिलिंद म्हैसकर शामिल हैं. गुप्ता ठाणे, छत्रपति संभाजी नगर और नागपुर जैसे शहरों के आयुक्त रह चुके हैं तथा बीएमसी में अतिरिक्त आयुक्त का अनुभव रखते हैं.

अनुभव का मजबूत आधार

भिड़े के पास प्रशासनिक अनुभव और बड़े पैमाने की परियोजनाओं को पूरा करने का रिकॉर्ड है. उन्होंने एमएमआरडीए में अतिरिक्त आयुक्त के रूप में काम किया और बीएमसी में भी अपनी सेवाएं दीं. मेट्रो 3 जैसी जटिल परियोजना को संभालने से उनकी छवि एक मजबूत और निर्णायक अधिकारी की बनी है. शहर की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने में उनकी भूमिका अहम रही है. अगर वे आयुक्त बनीं तो बीएमसी में महिला नेतृत्व पहली बार देखने को मिलेगा जो कई युवा महिला अधिकारियों के लिए प्रेरणा साबित होगा.

शहर के लिए नया दौर

यह नियुक्ति सिर्फ एक पद परिवर्तन नहीं बल्कि मुंबई की विकास गति को नई दिशा देने वाली हो सकती है. भिड़े की कार्यशैली पर नजर रखी जा रही है क्योंकि बीएमसी देश का सबसे अमीर नगर निगम है. आने वाले समय में सड़क, पानी, सफाई और मेट्रो विस्तार जैसी योजनाओं पर उनका फोकस रहने की उम्मीद है. राजनीतिक हलकों में यह चर्चा है कि उनकी नियुक्ति से प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और शहर की समस्याओं का तेजी से समाधान होगा.