मोदी सरकार ने रखा 2029 तक नशा मुक्त भारत का लक्ष्य, गृह मंत्री अमित शाह ने बताया पूरा प्लान
मोदी सरकार ने 2029 तक भारत को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया है. इसके तहत 1 लाख 'नशामुक्त मित्र' तैयार किए जाएंगे और ड्रग माफियाओं पर सख्त शिकंजा कसा जाएगा.
मोदी सरकार ने वर्ष 2029 तक देश को पूरी तरह नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है. गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की कि विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए सरकार आतंकवाद और नक्सलवाद की तर्ज पर नशे के खतरे को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है.
1 लाख 'नशामुक्त मित्र' होंगे तैयार
शाह ने बताया कि इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने के लिए एनसीसी, एनएसएस और 'माय भारत' प्लेटफॉर्म के माध्यम से 1 लाख 'नशामुक्त मित्र' प्रशिक्षित किए जाएंगे. इसके साथ ही, देश के सभी शैक्षणिक संस्थानों और परिसरों को पूरी तरह से नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया है.
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मार्च तक हर राज्य में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स
सरकार 27 मार्च तक हर राज्य में पूर्ण रूप से सुसज्जित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की स्थापना करेगी. फोरेंसिक रिपोर्ट 30 दिनों के भीतर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी. यह पूरा अभियान मुख्य रूप से चार पिलर्स- प्रवर्तन, सिंथेटिक ड्रग्स पर नियंत्रण, मांग में कमी और क्षमता निर्माण पर आधारित है.
100 अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क ध्वस्त करने का प्लान
गृह मंत्रालय और एनसीबी के नेतृत्व में 100 अंतरराष्ट्रीय व अंतरराज्यीय नेटवर्क को ध्वस्त करने और विदेश भागे 100 ड्रग भगोड़ों को वापस लाने का लक्ष्य रखा गया है. कमर्शियल मात्रा वाले मामलों में वित्तीय जांच की जाएगी और मुख्य सरगनाओं के खिलाफ सख्त डोजियर तैयार किए जाएंगे.
हवाई अड्डों पर निगरानी और वित्तीय जांच तेज
ड्रग माफियाओं की वित्तीय रीढ़ तोड़ने के लिए सीबीआई, ईडी और वित्तीय खुफिया इकाई (FIU) जैसी केंद्रीय एजेंसियों को तैनात किया गया है. हवाई अड्डों और कार्गो टर्मिनलों पर विशेष स्कैनर लगाए जाएंगे. साथ ही, अगले तीन सालों में 100 अवैध ड्रग प्रयोगशालाओं को नष्ट करने का लक्ष्य है.