'40-50 साल पुरानी थी इमारत', दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए पीजी हादसे पर पुलिस का बड़ा खुलासा

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में आज एक पीजी की 5 मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई. इमारत के मलबे में 40-50 छात्रों के दबे होने की आशंका है. घटना स्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.

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Sagar Bhardwaj

दिल्ली पुलिस के अनुसार, सत्य निकेतन इलाके में रविवार को जो पांच मंजिला इमारत ढही, वह लगभग 40 से 50 साल पुरानी थी. हादसे के वक्त इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था. 'हॉस्टल डेज' नामक यह पांच मंजिला इमारत लड़कों के पेइंग गेस्ट (PG) के रूप में इस्तेमाल हो रही थी, जबकि इसके बेसमेंट पर एक मेडिकल स्टोर था.

3 लोगों की मौत, कई लोगों के फंसे होने की आशंका

इस भीषण हादसे में कम से कम तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि मलबे से 7 से 9 लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. इनमें से तीन लोगों को एम्स (AIIMS) ट्रॉमा सेंटर में इलाज के लिए भेजा गया है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इमारत गिरने से ठीक पहले एक तेज झटका महसूस हुआ, जिसके बाद जोरदार धमाके के साथ पूरी इमारत भरभराकर गिर गई.

सत्य निकेतन में अवैध पीजी का बड़ा खेल

दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास स्थित सत्य निकेतन में पुरानी आवासीय इमारतों को अवैध रूप से पीजी में तब्दील करने का बड़ा खेल चल रहा है. स्थानीय छात्रों के अनुसार, एक-एक मंजिल पर 4 छोटे कमरों में 10-10 बेड लगाकर छात्रों को ठहराया जाता है. इस हादसे के बाद इलाके की पुरानी और जर्जर इमारतों में चल रहे पीजी हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.


रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

घटनास्थल पर एनडीआरएफ (NDRF), दिल्ली फायर सर्विस (12 से अधिक दमकल गाड़ियां), दिल्ली पुलिस, डीडीएमए और एमसीडी की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं. मलबे के नीचे फंसे लोगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर मौके पर भेजे गए हैं. पुलिस अधिकारी मलबे में दबे लोगों से फोन के जरिए संपर्क बनाए हुए हैं, ताकि उन्हें जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके.

इमारत मालिक के खिलाफ FIR दर्ज

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में गुरुग्राम निवासी इमारत के मालिक आनंद बंसल के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है. स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इलाके के 70 प्रतिशत मकान मालिक अपने घरों को पीजी में बदलकर दूसरी जगहों पर शिफ्ट हो चुके हैं और इन इमारतों का कोई मेंटेनेंस नहीं कराया जाता. लोगों ने मांग की है कि इलाके की सभी 5-6 मंजिला इमारतों की स्ट्रक्चरल जांच कराई जाए.