राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने देहरादून में त्रिपुरा के छात्र की हत्या को लेकर RSS और बीजेपी पर कड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि देश में हिंसा और भेदभाव की घटनाओं पर “चुनिंदा चुप्पी” दिखाई जा रही है, जो बेहद चिंताजनक है.
मनोज झा ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयानों का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि अगर सामाजिक समरसता की बात की जा रही है, तो फिर ऐसी घटनाओं पर खुलकर बोलने से क्यों बचा जा रहा है. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे राज्य में, जो बीजेपी शासित है, त्रिपुरा के एक छात्र की हत्या हो जाती है, लेकिन इस पर नैतिक और वैचारिक नेतृत्व की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आती.
मनोज झा ने भाषाई और नस्लीय भेदभाव पर चिंता जताते हुए कहा कि समाज में नफरत का जहर इस कदर फैल चुका है कि अब वह “हर नाक और हर फेफड़े तक पहुंच गया है.” उनका कहना था कि जब लगातार नफरत बोई जाती है और उस पर चुप्पी साध ली जाती है, तो उसका नतीजा ऐसी हिंसक घटनाओं के रूप में सामने आता है.
यह विवाद 24 वर्षीय MBA छात्र एंजेल चकमा की हत्या के बाद तेज हुआ. एंजेल चकमा, जो त्रिपुरा के रहने वाले थे, पर 9 दिसंबर को देहरादून में चाकू और डंडों से हमला किया गया था. गंभीर रूप से घायल होने के बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
उत्तराखंड पुलिस ने मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की है. पुलिस ने घटनास्थल के CCTV फुटेज खंगाले हैं. अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी फरार है. उसकी गिरफ्तारी के लिए एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना जताई है और भरोसा दिलाया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. वहीं मनोज झा ने कहा कि सिर्फ बयान नहीं, बल्कि जमीन पर ठोस कार्रवाई ही समाज में भरोसा पैदा कर सकती है.