Mann Ki Baat Highlights: पीएम मोदी ने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के जरिए आज पेरिस ओलंपिक, मैथ्स ओलंपियाड, अहोम साम्राज्य, असम के चराईदेउ मैदाम के साथ-साथ अन्य विषयों पर अपनी राय रखी. लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का ये दूसरा एपिसोड था.
पीएम मोदी ने कहा कि इस समय पूरी दुनिया में पेरिस ओलंपिक छाया हुआ है. ओलंपिक हमारे खिलाड़ियों को विश्व पटल पर तिरंगा लहराने का मौका देता है, देश के लिए कुछ कर गुजरने का मौका देता है. आप भी अपने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाइए, Cheer For Bharat.
आइए, पीएम मोदी के मन की बात रेडियो कार्यक्रम की बड़ी बातें जानते हैं...
- कुछ दिन पहले मैथ्सकी दुनिया में भी एक Olympic हुआ है. इंटरनेशनल मैथमैटिक्स ओलंपियाड. इस ओलंपियाड में भारत के स्टूडेंट्स ने बहुत शानदार प्रदर्शन किया है. इसमें हमारी टीम ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए चार गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीता है.
- इंटरनेशनल मैथमैटिक्स ओलंपियाड में 100 से ज्यादा देशों के युवा हिस्सा लेते हैं और ओवरऑल टैली में हमारी टीम टॉप 5 में आने में सफल रही है. देश का नाम रोशन करने वाले इन स्टूडेंट्स के नाम हैं - पुणे के रहने वाले आदित्य वेंकट गणेश, पुणे के ही सिद्धार्थ चोपड़ा, दिल्ली के अर्जुन गुप्ता, ग्रेटर नोएडा के कनव तलवार, मुंबई के रुशील माथुर और गुवाहाटी के आनंदो भादुरी.
- असम के चराईदेउ मैदाम को UNESCO World Heritage Site में शामिल किया जा रहा है. इस लिस्ट में यह भारत की 43वीं, लेकिन Northeast की पहली साइट होगी. चराईदेउ अहोम राजवंश की पहली राजधानी थी. अहोम राजवंश के लोग अपने पूर्वजों के शव और उनकी कीमती चीजों को पारंपरिक रूप से मैदाम में रखते थे.
- मैदाम, टीले नुमा एक ढांचा होता है, जो ऊपर मिट्टी से ढका होता है और नीचे एक या उससे ज्यादा कमरे होते हैं. ये मैदाम, अहोम साम्राज्य के दिवंगत राजाओं और गणमान्य लोगों के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है. अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान प्रकट करने का ये तरीका बहुत Unique है. इस जगह पर सामुदायिक पूजा भी होती थी.
- 13वीं शताब्दी के शुरू होकर अहोम साम्राज्य 19वीं शताब्दी की शुरुआत तक चला. इतने लंबे कालखंड तक एक साम्राज्य का बने रहना बहुत बड़ी बात है. शायद अहोम साम्राज्य के सिद्धांत और विश्वास इतने मजबूत थे कि उसने इस राजवंश को इतने समय तक कायम रखा.
- इसी वर्ष 9 मार्च को मुझे अदम्य साहस और शौर्य के प्रतीक महान अहोम योद्धा लसित बोरफुकन की सबसे ऊंची प्रतिमा के अनावरण का सौभाग्य मिला था. इस कार्यक्रम के दौरान अहोम समुदाय आध्यात्मिक परंपरा का पालन करते हुए मुझे अलग ही अनुभव हुआ था. लसित मैदाम में अहोम समुदाय के पूर्वजों को सम्मान देने का सौभाग्य मिलना मेरे लिए बहुत बड़ी बात है.
- Project PARI, public art को लोकप्रिय बनाने के लिए उभरते कलाकारों को एक मंच पर लाने का बड़ा माध्यम बन रहा है. आप देखते होंगे, सड़कों के किनारे, दीवारों पर, underpass में बहुत ही सुंदर paintings बनी हुई दिखती हैं। ये paintings और ये कलाकृतियां यही कलाकार बनाते हैं जो PARI से जुड़े हैं. इससे जहां हमारे सार्वजनिक स्थानों की सुंदरता बढ़ती है वहीं हमारे Culture को और ज्यादा popular बनाने में भी मदद मिलती है.
मन की बात में बात रंगों की
- 'मन की बात' में अब बात 'रंगों की'... ऐसे रंगों की जिन्होंने हरियाणा के रोहतक जिले की 250 से ज्यादा महिलाओं के जीवन में समृद्धि के रंग भर दिए हैं. हथकरघा उद्योग से जुड़ी ये महिलाएं पहले छोटी-छोटी दुकानें और छोटे-मोटे काम कर गुजारा करती थीं. इन्होंने 'UNNATI Self Help Group' से जुड़कर block printing और रंगाई में training हासिल की। कपड़ों पर रंगों का जादू बिखेरने वाली ये महिलाएं आज लाखों रुपए कमा रही हैं.
- 7 अगस्त को हम 'National Handloom Day' मनाएंगे. आज कल, जिस तरह handloom उत्पादों ने लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाई है, वो वाकई बहुत सफल है, जबरदस्त है. अब तो कई निजी कंपनियां भी AI के माध्यम से handloom उत्पाद और Sustainable Fashion को बढ़ावा दे रही हैं.
- खादी ग्रामोद्योग का कारोबार पहली बार 1.5 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गया है और खादी की बिक्री 400% बढ़ी है. खादी की, handloom की, ये बढ़ती हुई बिक्री बड़ी संख्या में रोजगार के नए अवसर भी बना रही है। इस industry से सबसे ज्यादा महिलाएं जुड़ी हैं, तो सबसे ज्यादा फायदा भी उन्हीं को हो रहा है.
- आपने अब तक खादी के वस्त्र नहीं खरीदे, तो इस साल से शुरू कर लें. अगस्त का महीना आ ही गया है ये आजादी मिलने का महीना है, क्रांति का महीना है। इससे बढ़िया अवसर और क्या होगा, खादी खरीदने के लिए.
- सरकार ने एक विशेष केंद्र खोला है, जिसका नाम है - 'मानस'. Drugs के खिलाफ लड़ाई में ये बहुत बड़ा कदम है. कुछ दिन पहले ही 'मानस' की Helpline और Portal को launch किया गया है. सरकार ने एक Toll Free Number '1933' जारी किया है. इस पर call करके कोई भी जरूरी सलाह ले सकता है या फिर rehabilitation से जुड़ी जानकारी ले सकता है.
- अगर किसी के पास Drugs से जुड़ी कोई दूसरी जानकारी भी है, तो वो इसी नंबर पर call करके 'Narcotics Control Bureau' के साथ साझा भी कर सकते हैं. 'मानस' के साथ साझा की गई हर जानकारी गोपनीय रखी जाती है. भारत को 'Drugs free' बनाने में जुटे सभी लोगों से, सभी परिवारों से, सभी संस्थाओं से मेरा आग्रह है कि MANAS Helpline का भरपूर उपयोग करें.
- भारत में तो Tigers 'बाघ', हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है. हम सब बाघों से जुड़े किस्से-कहानियां सुनते हुए ही बड़े हुए हैं. जंगल के आस-पास के गांव में तो हर किसी को पता होता है कि बाघ के साथ तालमेल बिठाकर कैसे रहना है. हमारे देश में ऐसे कई गांव हैं, जहां इंसान और बाघ के बीच कभी टकराव की स्थिति नहीं आती, लेकिन जहां ऐसी स्थिति आती है, वहां भी बाघों के संरक्षण के लिए अभूतपूर्व प्रयास हो रहे हैं.
- जन-भागीदारी का ऐसा ही एक प्रयास है 'कुल्हाड़ी बंद पंचायत'. राजस्थान के रणथंभौर से शुरू हुआ कुल्हाड़ी बंद पंचायत अभियान बहुत दिलचस्प है. स्थानीय समुदायों ने स्वयं इस बात की शपथ ली है कि जंगल में कुल्हाड़ी के साथ नहीं जाएंगे और पेड़ नहीं काटेंगे.
- इस एक फैसले से यहां के जंगल, एक बार फिर से हरे-भरे हो रहे हैं, और बाघों के लिए बेहतर वातावरण तैयार हो रहा है. पिछले 'मन की बात' कार्यक्रम में आपसे 'एक पेड़ माँ के नाम' कार्यक्रम की चर्चा की थी। मुझे खुशी है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी संख्या में लोग इस अभियान से जुड़ रहे हैं. अभी कुछ दिन पहले स्वच्छता के लिए प्रसिद्ध इंदौर में एक शानदार कार्यक्रम हुआ. यहां 'एक पेड़ मां के नाम' कार्यक्रम के दौरान एक ही दिन में 2 लाख से ज्यादा पौधे लगाए गए.
- पिछले कुछ वर्षों से तो पूरे देश में 'हर घर तिरंगा अभियान' के लिए सबका जोश high रहता है. गरीब हो, अमीर हो, छोटा घर हो, बड़ा घर हो, हर कोई तिरंगा लहराकर गर्व का अनुभव करता है. तिरंगे के साथ Selfie लेकर Social Media पर post करने का craze भी दिखता है.