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न निकलने की जगह, न रोशनी, कैसे बाढ़ में फंसे 35 छात्र, 3 की मौत, पढ़ें कोचिंग हादसे की एक-एक डिटेल

दिल्ली के निचले इलाके, जरा सी बारिश नहीं झेल पाते हैं. हल्की बारिश में नाले नदियों की शक्ल ले लेते हैं और सड़कें डूब जाती हैं. पुराने राजेंद्र नगर में ऐसी कई इमारते हैं, जिनके बेसमेंट में लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर चलाए जाते हैं. वहां का हादसा, दिल्ली के ड्रेनेज सिस्टम पर सवाल खड़े कर रहा है. दशकों तक कांग्रेस और बीते एक दशक से ज्यादा वक्त के आम आदमी पार्टी की दिल्ली में सरकार है. किसी ने दिल्ली की इस खामी को दूर करने के लिए कोई काम नहीं किया.

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न निकलने की जगह, न रोशनी, कैसे बाढ़ में फंसे 35 छात्र, 3 की मौत, पढ़ें कोचिंग हादसे की एक-एक डिटेल
Courtesy: Social Media

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का पुराना राजेंद्र नगर इलाका, एक अप्रत्याशित 'बाढ़' का शिकार हुआ, जिसमें 3 छात्रों की डूबने से मौत हो गई. हादसे के वक्त बेसमेंट में कुल 35 छात्र थे. राव IAS स्टडी सर्किल के बेसमेंट में पानी भरा और दो छात्रा और एक छात्राओं ने जान गंवा दी. कोचिंग की लाइब्रेरी बेसमेंट में थी, यहां UPSC की तैयारी कर रहे छात्र पढ़ रहे थे. यह हादसा 6.30 पर शाम को हुआ है. 

पुलिस का कहना है कि जब हादसा हुआ, तब 35 स्टूडेंट वहां थे. जैसे ही हादसा हुआ, स्टूडेंट्स को बचाने के लिए कोचिंग सेंटर का स्टाफ और स्थानीय लोग आए लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. 3 छात्र पानी में बूरी तरह डूब चुके थे, जिनकी लाशें ही बाहर आ पाईं. पानी बेहद तेजी से बढ़ रहा था. रेस्क्यू टीम को अलर्ट किया लेकिन 30 मिनट बाद टीम आई. कोचिंग का बेसमेंट कुएं में तब्दील हो गया था और छात्रों की मौत हो चुकी थी. 

घुप्प अंधेरा, छत तक भरा पानी, नहीं हो पाया रेस्क्यू

बेसमेंट में घुप्प अंधेरा था. कुछ नजर नहीं आ रहा था. रेसक्यू टीम गंदे पानी में कुछ भी देख नहीं पा रही थी. पंप के सहारे बेसमेंट से पानी को बाहर निकालना शुरू हुआ और गोताखोरों को उतारा गया. उम्मीद थी कि छात्र जिंदा निकलेंगे लेकिन लाशें निकलीं. 

कोचिंग संस्थान में पढ़ने वाले छात्रों ने कहा कि बेसमेंट में लाइब्रेरी के अलावा एक क्लास रूम भी है. बेसमेंट में जाने और आने का रास्ता एक ही है. कोचिंग सेंटर की बिल्डिंग 400 गज में बनी है.  ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग है, यहां लाइब्रेरी और क्लासरूम भी है. 

हर बारिश में डूब जाता है बेसमेंट

छात्रों और स्थानीय लोगों ने कहा कि हर बार बारिश में ये भर जाता है. इसके समाधान के लिए कुछ नहीं किया गया है. ओल्ड राजेंद्र नगर के कोचिंग सेंटर्स की लाइब्रेरी, बड़ी संख्या में जमीन के नीचे बेसमेंट में ही है. इस हादसे के बाद लोग डरे हुए हैं. दिल्ली एमसीडी को इस पर ध्यान देना चाहिए लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया है. स्थानीय प्रशासन, एमसीडी, विधायक इस मामले के सामने आने के बाद छात्रों के निशाने पर हैं. दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री आतिशी ने कहा है कि जो भी हादसे के लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. 

कैसे हुआ हादसा?

स्थानीय लोगों का कहना है कि ड्रेन की वॉल या पाइप फट गई, जिसके बाद कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भर गया. इसकी जांच की जा रही है. दिल्ली बीजेपी इसे लेकर आम आदमी पार्टी पर हमलावर है. दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज ने एमसीडी और दिल्ली सरकार पर सवाल उठाया है. दिल्ली में बीजेपी नालों की सफाई का मुद्दा उठाती रही है. 

क्या है AAP की सफाई?

आम आदमी पार्टी ने कहा है कि एमसीडी में सत्ता में आए आम आदमी पार्टी को महज 1 साल हुए हैं. 15 साल बीजेपी का शासन था, उसने क्यों ठीक नहीं कराया. सीवेज लाइन क्यों दुरुस्त नहीं हुआ. हम इसे सुधारने की कोशिश कर रहे हैं. दिल्ली आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने कहा है कि यह हत्या है, अधिकारी मौके से नदारद हैं. जिम्मेदारी तय होनी चाहिए.