मणिपुर में लोग सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) की तैनाती से खुश नहीं है. यह बात किसी और ने नहीं बल्कि राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के दामाद और भारतीय जनता पार्टी पार्टी के विधायक इमो सिंह ने कहा है. उन्होंने मणिपुर के बेकाबू हालात का जिक्र करते हुए गृहमंत्री अमित शाह को एक चिट्ठी लिखी है और मांग की है कि सीएपीएफ को हटाकर मणिपुर पुलिस को कमान दे. सीएपीएफ, महज मूकदर्शकों जैसा व्यवहार कर रही है.
विधायक राजकुमार इमो सिंह ने गृहमंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखकर अपील की है, 'ज्यादातर जगहों पर सीएपीएफ को तैनात किया गया है. सीएपीएफ के जवान मूक दर्शक हैं. राज्य सरकार की पुलिस को जिम्मेदारी सौंपी जाए, जिससे शांति बहाली हो सके. उन्होंने कहा कि ड्रोन से हमले हो रहे हैं, शेलिंग की जा रही है, यह बेहद हिंसक है, हिंसा रोकने की कोशिशें नहीं की जा रही हैं.'
इमो सिंह ने गृहमंत्री अमित शाह से अनुरोध किया है अब केंद्रीय बलों को लौटा दिया जाए, ये कानून का उल्लंघन होते देख रहे हैं. अब कमान राज्य पुलिस को सौंप दी जाए. लॉ एंड ऑर्डर, राज्य सरकार की पुलिस ज्यादा बेहतर तरीके से संभाल लेगी. उन्होंने राज्य से असम राइफल्स की कुछ यूनिट्स को हटाने पर खुशी जताई है. उन्होंने आरोप लगाया कि असम राइफल्स के जवान राज्य सरकार की मदद नहीं कर रहे थे.
बफर जोन से असम राइफल्स की दो बटालियन हटाई गई है, उनकी जगह पर सेंटल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के जवानों को तैनात किया गया है. मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने सेनजाम चिरांग गांव का दौरा किया था, जहां वाथम सनातोंबी देवी एक ड्रोन हमले में घायल हो गई थीं. मणिपुर में मैतेई-कुकी का संघर्ष, अब दो समुदायों के बीच झड़प से आगे निकलकर आतंकवाद की ओर बढ़ गईओ है. मंगलवार को इसी गांव में तीन बम मिले थे, जिन्हें उग्रवादियों ने दागा था. इस गांव में जमकर बमबारी हुई थी. जैसे ही केंद्री बल पहुंचा, उग्रवादियों को बाहर भागना पड़ा.
पूर्वी इंफाल के सिनाम गांव में यह हमला किया गया था. उग्रवादियों और सुरक्षाबलों के बीच करीब 2 घंटे तक लगातार गोलीबारी चली, जिसके बाद उग्रवादी भाग गए. उग्रवादी एक इनसास राइफल, एक कालाशोनिकोव और एलएमजी लेकर फरार हुए हैं. वे IRB के बंकर पर ही धावा बोलकर लूट ले गए.
विधायक इमो सिंह ने गृहमंत्री अमित शाह से अपील की है कि उग्रवादी समूहों के खिलाफ एक्शन लेने वाले सारे समझौते रद्द किए जाएं. ये संगठन ही हिंसा फैलाने के पीछे थे. इनके साथ समझौते अगर जारी रहे तो हिंसा राज्य में नहीं थमेगी. उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह से अपील की है कि जो उग्रवादी संगठनों को फंड दे रहे हैं उसकी जांच कराई जाए.
विधायक इमो सिंह ने गृहमंत्री अमित शाह को लिखी चिट्ठी में कहा है कि किसी भी राज्य में जातीय संघर्ष इतना लंबा नहीं खिंचना चाहिए. कांग्रेस ने भी ड्रोन हमलों को लेकर कहा है कि ये राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है. इनकी जद से अब राजभवन और मुख्यमंत्री आवास भी दूर नहीं है.