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राम मंदिर, ऑडियो क्लिप और टैगोर की कविता, कैसे एक मिशनरी स्कूल के गले पड़ी मुसीबत, धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप

Manglor News: इलाके के भाजपा विधायकों का कहना है कि इंग्लिश टीचर ने 8 फरवरी को स्कूल में क्लास 7ए के छात्रों को पढ़ाते समय भगवान राम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक बयानों का इस्तेमाल किया है.

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India Daily Live

Manglor News: कर्नाटक के मंगलुरु का एक ईसाई मिशनरी स्कूल इन दिनों काफी विवादों में चल रहा है. यहां नोबेल पुरुस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा लिखी कविता, श्री राम मंदिर और पीएम मोदी को लेकर वायरल हुईं ऑडियो क्लिप्स ने हिंदू संगठनों का ध्यान अपनी ओर खींचा है. हालांकि इलाके में करीब 60 साल पुराने इस स्कूल के प्रबंधन का कहना है कि मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है. 

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, ये मामला मंगलुरु सिटी स्थित कंकनाडी क्षेत्र के एक कॉन्वेंट स्कूल में 8 फरवरी का है. भाजपा नेताओं समेत अन्य हिंदू संगठनों का आरोप है कि स्कूल की शिक्षिका ने हिंदू धर्म को बदनाम करने की कोशिश की है. इस आरोप के कारण स्थानीय राजनीति में तूफान खड़ा हो गया. कर्नाटक विधानसभा सत्र के दौरान भी तीखी बहस भी हुई. बीजेपी विधायकों का कहना है कि 42 वर्षीय अंग्रेजी शिक्षिका सिस्टर प्रभा ने 8 फरवरी को स्कूल में क्लास 7ए के छात्रों को पढ़ाते समय भगवान राम और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक बयानों का इस्तेमाल किया है.

स्कूल प्रबंधन ने कहा, शिक्षिका को बेवजह फंसाया जा रहा

हालांकि स्कूल प्रबंधन की ओर से कहा गया है कि सिस्टर प्रभा 16 वर्षों से शिक्षिका हैं. उन्होंने कभी भी बच्चों को पढ़ाते समय धार्मिक मुद्दों को नहीं उठाया है. उनका कहना है कि सिस्टर प्रभा को बेवजह फंसाया गया है. बताया जाता है कि मंगलुरु में यूरोपीय उपनिवेशवादियों और मुस्लिम व्यापारियों का प्रभाव रहा है. यहां काफी शैक्षिक संस्थान भी हैं, जो अधिकांश ईसाई मिनशनियों द्वारा चलाए जाते हैं. इन संस्थानों की क्वालिटी एजुकेशन देशभर के छात्रों को अपनी ओर आकर्षित करती है. 

मंगलुरु शहर और दक्षिण कन्नड़ में अक्सर हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच सांप्रदायिक झड़पें भी देखी जाता है. लेकिन रिपोर्ट में कहा गया है कि सेंट गेरोसा स्कूल का मामला करीब एक दशक में हिंदू और ईसाई समुदायों के बीच मतभेदों का पहला केस है. 

सोशल मीडिया पर वायरल हुईं तीन वीडियो क्लिप

एक अभिभावक ने 8 फरवरी को पेरेंट्स व्हाट्सएप ग्रुप पर इस मुद्दे को उठाया है. साथ ही मामले को लेकर तीन ऑडियो क्लिप भी शेयर की गई हैं.  इनमें एक तेलगु और दो कन्नड भाषा में है.  इन ऑडियो क्लिप में सिस्टर प्रभा को कथित तौर पर अयोध्या राम मंदिर, नरेंद्र मोदी और गोधरा दंगों की घटना के बारे में अनरलगल बोलते हुए सुना गया है.

स्कूल प्रबंधन की ओर से दक्षिण कन्नड़ के डिप्टी कमिश्नर और मंगलुरु शहर के पुलिस कमिश्नर को सौंपे गए घटनाओं के क्रम के अनुसार 10 फरवरी को चार पेरेंट्स ने मौखिक रूप से स्कूल में शिकायत की. इसमें कहा गया है कि सिस्टर प्रभा ने उनके भगवान का अपमान किया है. इस पर प्रिंसिपल सिस्टर अनिता ने आश्वासन दिया कि वह जांच करेंगी. 

भाजपा विधायक और नेताओं ने किया प्रदर्शन

मंगलुरु के भाजपा विधायक भरत शेट्टी, वेदव्यास कामथ और वीएचपी नेता शरण पंपवेल समेत अन्य कार्यकर्ताओं के साथ सार्वजनिक निर्देश उप निदेशक (डीडीपीआई) ऑफिस के सामने विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान कामथ ने कार्रवाई की मांग की. जब स्कूल प्रशासन ने उनसे बात करने के लिए स्कूल के अंदर आने को कहा तो उन्होंने कथित तौर पर कहा कि मैं उस स्कूल में प्रवेश नहीं करूंगा, जिसने मेरे भगवान का अपमान किया है. मेरी मांग है कि सिस्टर प्रभा को तुरंत बर्खास्त कर दिया जाए.

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