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TMC Leaders Fight: ममता बनर्जी ने TMC सांसद महुआ मोइत्रा को दे डाली निलंबन की चेतावनी, जानें क्यों हाई हुआ 'दीदी' का पारा

TMC Leaders Fight: टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी की सांसद महुआ मोइत्रा को जो संदेश भेजा, उसमें साफ तौर पर कहा गया था कि पार्टी के अंदर इस तरह के विवादों और असहमति से पार्टी की छवि पर असर पड़ता है. उन्होंने महुआ को चेतावनी दी कि अगर उन्होंने इस तरह के व्यवहार को जारी रखा, तो उन्हें पार्टी से निलंबित किया जा सकता है.

Gyanendra Tiwari
TMC Leaders Fight: ममता बनर्जी ने TMC सांसद महुआ मोइत्रा को दे डाली निलंबन की चेतावनी, जानें क्यों हाई हुआ 'दीदी' का पारा
Courtesy: Social Media

TMC Leaders Fight: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी ने अपनी ही पार्टी की सांसद महुआ मोइत्रा को कड़ी चेतावनी दी है. यह चेतावनी तब दी गई, जब महुआ मोइत्रा और पार्टी के दूसरे सांसद कल्याण बनर्जी के बीच तीखी बहस हुई. सूत्रों के मुताबिक, ममता ने महुआ को स्पष्ट रूप से कहा है कि अगर उन्होंने अपने व्यवहार में सुधार नहीं किया, तो उन्हें पार्टी से निलंबित भी किया जा सकता है.

सूत्रों के अनुसार, यह घटनाक्रम तब सामने आया जब तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरिक ओ'ब्रायन ने ममता बनर्जी को महुआ मोइत्रा और कल्याण बनर्जी के बीच हुई झड़प के बारे में सूचित किया. इसके बाद ममता ने महुआ को एक महिला राज्यसभा सांसद के माध्यम से यह कड़ा संदेश भेजा, जिसमें उन्हें पार्टी से निलंबन की चेतावनी दी गई.

महुआ मोइत्रा और कल्याण बनर्जी के बीच बढता तनाव

महुआ मोइत्रा और कल्याण बनर्जी के बीच तनाव पहले से ही चल रहा था. सूत्रों के मुताबिक, महुआ मोइत्रा कल्याण बनर्जी से नाराज थीं, क्योंकि उन्हें लोकसभा में बोलने का पर्याप्त समय नहीं दिया जा रहा था. कल्याण बनर्जी जो पार्टी के अन्य सांसदों के बीच भाषण का समय निर्धारित करते हैं, महुआ को कई बार बोलने का मौका नहीं दे पाए, जिससे महुआ में असंतोष बढ़ गया.

इसके अलावा, कल्याण बनर्जी की बढ़ती लोकप्रियता और मीडिया में उनका ध्यान महुआ को असुरक्षित महसूस करवा रहा था. सूत्रों के मुताबिक, इस तनाव ने तब और बढ़ गई, जब महुआ ने कल्याण बनर्जी और उनकी बेटी के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया. उन्होंने कल्याण बनर्जी को "छोटो लोक" (जो बांग्ला में एक अपमानजनक शब्द है) कहकर संबोधित किया, जो कल्याण बनर्जी के लिए बहुत ही अपमानजनक था और इससे दोनों के रिश्ते में और खटास आ गई.

BJP ने शेयर किया था स्क्रीनशॉट्स 

बीजेपी ने इस घटना को लेकर खूब विवाद उठाया और सोशल मीडिया पर तृणमूल कांग्रेस के सांसदों के बीच की बहस के कुछ वीडियो और व्हाट्सएप स्क्रीनशॉट्स साझा किए. बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने इन स्क्रीनशॉट्स और वीडियो को X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया. उन्होंने दावा किया कि यह झड़प 4 अप्रैल को चुनाव आयोग के कार्यालय में हुई थी, जहां दोनों तृणमूल सांसद एक ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे. उनका कहना था कि यह विवाद इतना बढ़ गया था कि एक बार तो पुलिस को भी बुलाने की बात हुई थी.

विवाद का कारण

सूत्रों के मुताबिक, यह विवाद चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर हुआ था. कालीयण बनर्जी और महुआ मोइत्रा के बीच उस समय बहस हुई, जब महुआ ने कालीयण से शिकायत की कि उनका नाम चुनाव आयोग में मिलने वाले प्रतिनिधि मंडल में क्यों नहीं था. कालीयण ने उन्हें जवाब दिया कि उनका नाम पहले से तय सूची में नहीं था. इस मुद्दे ने दोनों के बीच और भी तनाव उत्पन्न कर दिया, जो बाद में इस बहस का कारण बना.