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India Daily

चुनाव से पहले राज्य में हुए प्रशासनिक फेरबदल के खिलाफ सीएम ममता का शंखनाद, सड़क पर उतरकर करेंगी विरोध प्रदर्शन

पश्चिम बंगाल चुनाव की तारीखों की घोषणा के कुछ घंटों बाद चुनाव आयोग ने राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती, डीजीपी पीयूष पांडे, कोलकाता सीपी सुप्रतिम सरकार और गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा को हटा दिया. तृणमूल कांग्रेस ने इसका विरोध जताया है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
चुनाव से पहले राज्य में हुए प्रशासनिक फेरबदल के खिलाफ सीएम ममता का शंखनाद, सड़क पर उतरकर करेंगी विरोध प्रदर्शन
Courtesy: ani

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखें घोषित करने के चंद घंटों बाद ही राज्य सरकार के शीर्ष अधिकारियों पर कार्रवाई कर दी. मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती, पुलिस महानिदेशक पीयूष पांडे, कोलकाता पुलिस आयुक्त सुप्रतिम सरकार और गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा को तुरंत हटा दिया गया.

चुनाव आयोग का कहना है कि चुनावी तैयारियों की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया गया. वहीं ममता बनर्जी सरकार ने इसे राजनीतिक साजिश बताया है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज शाम 4 बजे विरोध प्रदर्शन करेंगी. तृणमूल कांग्रेस ने राज्यसभा से वॉकआउट भी किया. चुनाव 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होंगे, नतीजे 4 मई को आएंगे.

अधिकारियों की नई नियुक्तियां

चुनाव आयोग ने हटाए गए अधिकारियों की जगह नए अफसरों की तैनाती की है. दुष्यंत नरियाला को मुख्य सचिव बनाया गया, जबकि सिद्ध नाथ गुप्ता नए पुलिस महानिदेशक होंगे. अजय कुमार नंद को कोलकाता पुलिस आयुक्त और संघमित्रा घोष को गृह एवं पहाड़ी मामलों की प्रधान सचिव नियुक्त किया गया. आयोग ने निर्देश दिया कि हटाए गए अधिकारी चुनाव पूरा होने तक किसी चुनावी पद पर नहीं तैनात होंगे. रिपोर्ट 3 बजे तक मांगी गई है.

तृणमूल का तीखा विरोध

तृणमूल कांग्रेस ने आयोग के फैसले पर कड़ा एतराज जताया है. सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि रात के अंधेरे में मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस प्रमुख को हटाना अनुचित है. पार्टी ने राज्यसभा से पूरे दिन के लिए वॉकआउट किया. शताब्दी रॉय ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग कर रही है. जनता तृणमूल के साथ है. ममता बनर्जी ने विरोध मार्च का ऐलान किया. 

चुनाव आयोग की सफाई

चुनाव आयोग ने कहा कि राज्य की चुनावी तैयारियों की समीक्षा के बाद यह कदम उठाया गया. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि बंगाल में चुनाव हिंसा मुक्त और शांतिपूर्ण होंगे. इसी उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को हटाया गया है. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि आयोग संवैधानिक संस्था है, उसके फैसलों पर सदन में सवाल उठाना उचित नहीं.

राजनीतिक साजिश का आरोप

तृणमूल नेताओं का कहना है कि यह भाजपा की मिलीभगत से हो रहा है. भारत सरकार की इजरायल से नजदीकी और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की कमजोरी भी बंगाल के लिए खतरा है. आयोग ने स्पष्ट किया कि अधिकारी चुनाव ड्यूटी से दूर रहेंगे. राज्य में दो चरणों में मतदान होगा. तृणमूल का कहना है कि जनता जवाब देगी. राजनीतिक हलकों में यह फैसला चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकता है.