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राज्यसभा में हर दो साल पर क्यों होते हैं चुनाव? क्या है इसकी पूरी प्रक्रिया; यहां जानें डिटेल्स

10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए आज वोटिंग जारी है. लेकिन क्या आपको इसकी पूरी प्रक्रिया के बारे में पता है कि राज्यसभा में चुनाव कैसे होते हैं.

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Edited By: Shanu Sharma
राज्यसभा में हर दो साल पर क्यों होते हैं चुनाव? क्या है इसकी पूरी प्रक्रिया; यहां जानें डिटेल्स
Courtesy: ANI

राज्यसभा सीटों पर चुनाव के लिए आज सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोट जाले जा रहे हैं. चुनाव आयोग की घोषणा के मतुाबिक 10 राज्यों की 37 सीटों पर मतदान हो रहा है. जिसके बाद शाम 5 बजे से वोटों की गिनती शुरू कर दी जाएगी. हालांकि यह प्रक्रिया 20  मार्च तक पूरी होगी. 
 
लोकसभा में जब चुनाव होता है तो पूरे राज्य में हलचल होती है. सभी नेता जनता के दरवाजे तक पहुंचने की कोशिश करते हैं. लोगों का दिल जीतने के लिए कई वादे किए जाते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि इस चुनाव में क्या होता है. इस चुनाव की पूरी प्रक्रिया क्या है?

अप्रैल में कई सांसदों का कार्यकाल खत्म

राज्यसभा में कई सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल में खत्म होने वाला है. उससे पहले चुनाव कर नाम फाइनल किए जा रहे हैं. लोकसभा हर पांच साल में होता है. वहीं राज्यसभा में दो साल में ही चुनाव होते हैं. इस सदन को  स्थायी सदन कहा जाता है, इसे कोई भी भंग नहीं कर सकता और हर एक सदस्य का कार्यकाल 6 साल का ही होता है. हर दो साल में सदन के एक-तिहाई सदस्य रिटायर हो जाते हैं. इस बार 10 राज्यों में मतदान हो रहा है. जिसमें महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, असम, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश भी शामिल है.  

किस राज्य की सबसे ज्यादा सीटें खाली?

महाराष्ट्र में 7, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में 6-6, बिहार में 5, ओडिशा में 4, असम में 3, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में 2-2, हरियाणा में 2 और हिमाचल प्रदेश में 1 सीट के लिए चुनाव हो रहे है. हालांकि इनमें से कई सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं. इन खाली कुल 37 सीटों में से 26 पर पहले ही फैसला हो चुका है. बाकी 11 सीटों पर कब्जा करने के लिए कड़ा मुकाबला होने वाला है. मुख्य लड़ाई बिहार, हरियाणा और ओडिशा में दिख रही है.

कई बड़े चेहरों का कार्यकाल खत्म

इस चुनाव में कई बड़े चेहरे रिटायर हो रहे हैं. जिसमें शरद पवार, हरिवंश नारायण सिंह, प्रियंका चतुर्वेदी , रामदास अठावले , अभिषेक मनु सिंघवी, साकेत गोखले और तिरुचि शिवा का भी नाम शामिल है. हालांकि इनमें से कई लोगों ने फिर से नामांकन किया है. जिसमें से शरद पवार और रामदास अठावले को निर्विरोध चुना जा सकता है.

बता दें कि राज्यसभा चुनाव विधायकों द्वारा होते हैं. विधानसभा के सदस्य वोट डालते हैं, यह अप्रत्यक्ष चुनाव है. आज कई राज्यों में विधायक मतदान कर रहे हैं. राजनीतिक दल अपने समीकरण के आधार पर जीत की उम्मीद कर रहे हैं. बिहार में नीतीश कुमार जैसे नेता मैदान में हैं. हरियाणा और ओडिशा में भी दिलचस्प मुकाबला हो सकता है.