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आखिर क्या चाहते हैं ट्रंप? 100 सालों में पहली बार डाक से घर-घर पहुंचाएंगे पिस्टल!

अमेरिका में लगभग 100 साल बाद डाक के जरिए हैंडगन भेजने की अनुमति देने वाला प्रस्ताव चर्चा में है. ट्रंप प्रशासन के दौरान सामने आए इस नियम को लेकर समर्थन और विरोध दोनों तेज हो गए हैं. कई राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने इसे खतरनाक बताया है.

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आखिर क्या चाहते हैं ट्रंप? 100 सालों में पहली बार डाक से घर-घर पहुंचाएंगे पिस्टल!
Courtesy: Gemini AI

नई दिल्ली: अमेरिका में हथियारों को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है. अमेरिकी डाक सेवा ने ऐसा प्रस्ताव रखा है, जिसके लागू होने पर लोग डाक के माध्यम से हैंडगन भेज सकेंगे. इस प्रस्ताव को ट्रंप प्रशासन के दौरान आगे बढ़ाया गया था और अब इसे लेकर राजनीतिक तथा कानूनी बहस तेज हो गई है. समर्थक इसे संवैधानिक अधिकारों से जोड़ रहे हैं, जबकि विरोध करने वाले इसे सार्वजनिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा मान रहे हैं.

अमेरिका में 1927 से ऐसा कानून लागू है, जिसके तहत सामान्य लोगों को डाक सेवा के जरिए छिपाकर रखे जा सकने वाले हथियार भेजने की अनुमति नहीं थी. उस समय बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए यह प्रतिबंध लगाया गया था. केवल लाइसेंस प्राप्त डीलरों को सीमित अनुमति दी गई थी. अब प्रस्तावित नियम इस लंबे समय से चले आ रहे प्रतिबंध को बदल सकता है.

क्या कहता है नया प्रस्ताव?

अमेरिकी डाक सेवा ने 'रिवाइज्ड मेलिंग स्टैंडर्ड्स फॉर फायरआर्म्स' नाम से नया प्रस्ताव पेश किया है. इसके तहत खाली और सुरक्षित पैक किए गए रिवॉल्वर और अन्य हैंडगन को उसी तरह भेजने की अनुमति देने की बात कही गई है, जैसे अभी शॉटगन और लंबी राइफल भेजी जाती हैं. हालांकि नियमों में सुरक्षा और पैकेजिंग को लेकर कड़े निर्देश भी शामिल किए गए हैं.

न्याय विभाग ने क्या दलील दी?

इस साल अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा था कि 1927 का प्रतिबंध संविधान के दूसरे संशोधन की भावना के खिलाफ है. विभाग का मानना है कि कानून का पालन करने वाले नागरिकों को अपने वैध हथियार भेजने से रोका नहीं जा सकता. विभाग ने यह भी कहा कि केवल लाइसेंसधारी कारोबारियों तक अधिकार सीमित रखना संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हो सकता है.

राज्यों ने जताई कड़ी आपत्ति

करीब दो दर्जन डेमोक्रेटिक अटॉर्नी जनरल ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है. उनका कहना है कि इससे अपराधियों और हिंसक प्रवृत्ति के लोगों तक हथियार पहुंचना आसान हो सकता है. नेवादा के अटॉर्नी जनरल आरोन फोर्ड ने कहा कि उनके राज्य ने पहले ही काफी हिंसा झेली है और ऐसे समय में हथियारों की पहुंच आसान बनाना गलत कदम होगा.

सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल रॉब बोंटा ने इसे गैरजिम्मेदाराना खामी बताया है. उन्होंने चेतावनी दी कि इस प्रस्ताव से ऐसे लोग भी हथियार हासिल कर सकते हैं, जिन्हें कानूनन इसकी अनुमति नहीं है. फिलहाल अमेरिकी डाक सेवा जनता से मिले सुझावों की समीक्षा कर रही है. इसके बाद ही आगे कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा.