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'मुझे बोलने नहीं दिया, ये अपमान है...', नीति आयोग की मीटिंग बीच में छोड़कर निकल गईं ममता बनर्जी

Mamata Banerjee: नीति आयोग की मीटिंग में शामिल होने दिल्ली आईं ममता बनर्जी आज बैठक के बीच से ही बाहर आ गईं. उन्होंने आरोप लगाए हैं कि उन्हें बोलने नहीं दिया गया और भेदभाव किया जा रहा है. नीति आयोग की इस बैठक में विपक्षी दलों के सीएम शामिल नहीं हो रहे हैं. सिर्फ ममता बनर्जी ही इसमें शामिल होने पहुंची थीं लेकिन वह भी बीच में ही बाहर निकल गईं.

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'मुझे बोलने नहीं दिया, ये अपमान है...', नीति आयोग की मीटिंग बीच में छोड़कर निकल गईं ममता बनर्जी
Courtesy: Social Media

देश की राजधानी दिल्ली में आज नीति आयोग की बैठक हो रही है. इस बैठक में शामिल होने पहुंचीं पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी मीटिंग को बीच में ही छोड़कर निकल गईं. उनका कहना है कि उन्हें मीटिंग में बोलने नहीं दिया गया. ममता बनर्जी ने कहा कि उनसे पहले बोलने वालों को 10 से 20 मिनट का समय दिया गया लेकिन जब वह बोलने लगीं तो बीच में ही माइक बंद कर दिया गया. ममता बनर्जी ने सरकार से अपील की है कि वह भेदभाव न करे.

बता दें कि कई विपक्षी पार्टियों के मुख्यमंत्रियों ने नीति आयोग की इस मीटिंग का बहिष्कार किया है और इसमें शामिल नहीं हो रहे हैं. विपक्ष से सिर्फ ममता बनर्जी ही ऐसी सीएम थीं जो इस मीटिंग में शामिल होने के लिए पहुंची थीं. अब ममता बनर्जी के इस तरह से बाहर आने और ऐसे बयान देने से हंगामा खड़ा हो गया है.

'विपक्ष से मैं अकेली आई लेकिन...'

मीटिंग से निकलने के बाद ममता बनर्जी ने कहा, 'सही से काम करना है तो करिए, वरना योजना आयोग को वापस ले आइए. मैंने कहा कि आपको राज्य सरकारों के बीच भेदभाव नहीं करना चाहिए. जब आप केंद्र में हैं तो आपको सभी राज्यों का ख्याल रखना चाहिए. मैं बहुत कुछ बोलना चाहती थी लेकिन मुझे 5 मिनट में ही रोक दिया गया. मुझसे पहले बोलने वाले लोगों को 10 से 20 मिनट का समय दिया गया. मैं विपक्ष से अकेली आई फिर भी बोलने नहीं दिया. यह अपमानजनक है.'

अब इस मामले पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाब दिया है, 'सीएम ममता बनर्जी नीति आयोग की बैठक में आईं. हम सबने उनको सुना. हर मुख्यमंत्री को समय दिया गया गया था और उनके सामने की टेबल पर लगे स्क्रीन पर समय दिखाया भी गया था. उन्होंने मीडिया में कहा कि उनका माइक बंद कर दिया गया. यह पूरी तरह से झूठ है. हर सीएम को पर्याप्त समय दिया गया था. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने माइक बंद होने का झूठा दावा किया है. उन्हें सच बोलना है.'

बता दें कि नीति आयोग की मीटिंग में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री शामिल होते हैं. बजट में कम हिस्सा दिए जाने का आरोप लगाते हुए विपक्षी दलों के मुख्यमंत्रियों ने इस बैठक में आने से इनकार कर दिया. तमिलनाडु के सीएम एम के स्टालिन, केरल के सीएम पिनराई विजयन, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, पंजाब के सीएम भगवंत मान,  कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया, तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी, हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू और झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन भी इस बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं. विपक्षी दलों से सिर्फ ममता बनर्जी ही इस मीटिंग में शामिल होने पहुंची थीं.