Nameplates Controversy: कांवड़ यात्रा में नेमप्लेट वाले मुद्दे पर बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपना आदेश सुना दिया है. इस पर कोई भी टिप्पणी करना अपराध होगा. उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश का पालन करना जरूरी है...हम अगर राम खाते हैं, तो राम का गा क्यों नहीं सकते?
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हम कोर्ट का आदेश मानते हैं, हमें इस पर कोई आपत्ति नहीं है. कोर्ट ने जो कहा है, वह सही है. नेमप्लेट जागरूकता के अलावा और कुछ नहीं हैं. उन्होंने ये भी कहा कि मानसिक रूप से विकृत लोगों द्वारा मूत्र फेंकने के वीडियो क्लिप भी सामने आए हैं. यह दुर्भाग्यपूर्ण है, इस पर भी कानून बनना चाहिए.
#WATCH | Haridwar, Uttarakhand: On the 'nameplates in Kanwar Yatra' issue, Bageshwar Dham Dhirendra Shastri says, "Court has pronounced its order in this regard. Making any comments on it would be a crime. It is essential to follow Court orders...Hum agar Ram ka khaate hain, toh… pic.twitter.com/bFiqg2kiE4
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) July 26, 2024
कांवड़ियों की वेशभूषा में गुंडागर्दी करते लोगों के वीडियो पर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि ये सब सही नहीं है. हिंदू हमेशा से अहिंसक रहे हैं...जो लोग ऐसा करते हैं, वे न तो शिवभक्त हैं, न ही सनातनियां और न ही हिंदू. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि हिंदुओं में गुंडागर्दी नहीं होती.
हाल ही में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें कांवड़ियों के कपड़े में कुछ लोग एक कार में तोड़फोड़ कर रहे थे. जानकारी सामने आई कि वायरल वीडियो मेरठ के परतापुर के काशी टोल प्लाजा के पास का है. कांवड़ियों का दावा था कि एक कार की टक्कर से उसका कांवड़ खंडित हो गया. इसके बाद कांवड़ियों ने मिलकर टक्कर मारने वाले कार को रोका. इसके बाद कार के अंदर बैठे लोगों की जमकर पिटाई कर दी और फिर कार में तोड़फोड़ की.
वायरल वीडियो में देखा गया कि कार के अंदर बैठे चार लोगों में से तीन ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई, जबकि एक शख्स को कांवड़ियों ने पकड़ लिया और जमकर उसकी पिटाई कर दी. कहा जा रहा है कि पिटाई खाने वाला शख्स कांवड़ियों से माफी मांगता रहा, छोड़ देने की गुहार लगाता रहा.