तिहाड़ जेल में एक बार फिर खूनी खेल का मामला सामने आया है. तिहाड़ जेल में बंद एक कैदी पर शुक्रवार की रात को चाकू से जानलेवा हमला कर दिया गया. घटना के बाद पुलिस जांच पड़ताल में जुट गई. शुरुआती जांच में सामने आया है कि मामला आपसी रंजीश का है. फिलहाल, इस संबंध में जांच पड़ताल की जा रही है.
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, दिल्ली के तिहाड़ जेल में शुक्रवार देर रात जेल नंबर 8 और 9 में कैदियों के बीच गैंगवार की खबर है. वारदात में जेल में बंद दो कैदी घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. शुरुआती जांच के मुताबिक, बदले की भावना से वारदात को अंजाम दिया गया है. फिलहाल, जेल प्रशासन पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रहा है. घायल कैदियों की पहचान लवीश और लवली के रूप में हुई है.
Delhi | Yesterday a scuffle broke out between inmates in Tihar Jail number 8 and 9. Two inmates got injured and were taken to a hospital. One of them has been hospitalised: Prison officials
— ANI (@ANI) July 27, 2024
More details awaited.
जानकारी के मुताबिक, घायल कैदी तिहाड़ के 9 नंबर जेल में हत्या के मामले में बंद है. बीती रात जेल में ही बंद कुछ अन्य कैदियों ने उस पर चाकू से हमला कर दिया. घटना के बाद पुलिस घायल कैदी को लेकर दीनदयाल अस्पताल लेकर पहुंची. यहां डॉक्टरों ने इलाज के बाद कैदी को छुट्टी दे दी.
पुलिस के मुताबिक, घायल कैदी की शिकायत पर हरिनगर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता से संबंधित धाराओं के तहत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है. प्रारंभिक जांच के बाद जेल प्रशासन की ओर से जानकारी दी गई कि मामला आपसी रंजीश का लग रहा है. फिलहाल, जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए पूरी पड़ताल की जा रही है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेल में बंद कैदी पर हमले के आरोपी कैदी की पहचान लोकेश के रूप में हुई है. आरोपी लोकेश के भाई की हत्या के आरोप में लवली और लवीश जेल में पहले से बंद थे. भाई की हत्या का बदला लेने के लिए लोकेश ने प्लानिंग की और इसमें दो अन्य कैदियों हिमांशु और अभिषेक को शामिल कर लिया.
बताया जा रहा है कि शुक्रवार देर शाम फोन रूम में लोकेश, अभिषेक और हिमांशु ने लवीश और लवली पर चाकू से हमला कर दिया. घटना के दौरान लवीश और लवली फोन रूम में बात कर रहे थे. वारदात के बाद लवीश और लवली को अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल से एक घायल कैदी को छुट्टी दे दी गई, जबकि दूसरे का इलाज जारी है.