Shivaji Maharaj Statue Collapse: शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने शनिवार को महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग में शिवाजी महाराज की मूर्ति गिरने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मांगी गई माफ़ी का मज़ाक उड़ाया. राउत ने कहा कि किसी भी माफ़ी से छत्रपति के अपमान की भरपाई नहीं होगी. उन्होंने पीएम मोदी पर सिर्फ़ विवाद से बचने के लिए माफ़ी मांगने का भी आरोप लगाया.
संजय राउत ने कहा कि ये एक राजनीतिक माफ़ी है. वे बचने के लिए माफ़ी मांग रहे हैं. माफ़ी मांगने से छत्रपति के अपमान की भरपाई नहीं होगी, ये कभी भी पर्याप्त नहीं होगा. अगर प्रधानमंत्री ईमानदारी से माफ़ी मांगते हैं, तो उन्हें 5-10 साल पहले देश से माफ़ी मांगनी चाहिए थी, जब पुलवामा में हमारे 40 सैनिक मारे गए थे.
शिवसेना यूटीबी यानी उद्धव बालासाहेब ठाकरे के नेता संजय राउत ने कहा कि आपकी (पीएम मोदी) विफलता के कारण एक साथ 40 सैनिक मारे गए. आज भी जम्मू-कश्मीर में हत्याएं जारी हैं और हमारे कश्मीरी पंडितों की घर वापसी का वादा पूरा नहीं हुआ है, आपको इसके लिए भी माफ़ी मांगनी चाहिए.
संजय राउत ने कहा कि आपने (पीएम मोदी) बहुत बार झूठ बोला है. आपको हर दिन देश से माफ़ी मांगनी चाहिए, लेकिन आपने नहीं मांगी. ये महाराष्ट्र है और महाराष्ट्र किसी को माफ नहीं करता, खासकर छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़े मामलों में. राउत की ये प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री मोदी द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज और महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में राजकोट किले में 17वीं सदी के योद्धा राजा की प्रतिमा गिरने की घटना से आहत लोगों से माफी मांगने के एक दिन बाद आई है.
महाराष्ट्र के पालघर में एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज मेरे लिए सिर्फ एक नाम नहीं हैं, हमारे लिए छत्रपति शिवाजी महाराज हमारे आदर्श हैं. कुछ दिन पहले सिंधुदुर्ग में जो कुछ भी हुआ...आज मैं अपने आराध्य देव छत्रपति शिवाजी महाराज के चरणों में सिर झुकाकर माफ़ी मांगता हूं.
पिछले साल 4 दिसंबर को प्रधानमंत्री मोदी ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण किया था. सिंधुदुर्ग जिले के मालवन में राजकोट किले में नौसेना दिवस के अवसर पर लगाई गई मूर्ति सोमवार को ढह गई थी. सीएम एकनाथ शिंदे ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और इसे फिर से स्थापित करने का वादा करते हुए कहा कि लगभग 45 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के कारण नौसेना की ओर से लगाई गई मूर्ति गिर गई.
मूर्ति के गिरने से राज्य में भारी राजनीतिक बवाल मच गया. विपक्ष ने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उसने काम की गुणवत्ता पर बहुत कम ध्यान दिया है. शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने सत्तारूढ़ भाजपा सरकार की आलोचना की और इस बात पर अविश्वास व्यक्त किया कि पूज्यनीय व्यक्ति का स्मारक भी भाजपा के भीतर कथित भ्रष्टाचार का शिकार हो सकता है.
विपक्षी नेता ने भाजपा पर भारतीय नौसेना पर दोष मढ़ने का प्रयास करने का आरोप लगाया. उन्होंने कुछ ठेकेदारों के प्रति पक्षपात, काम की घटिया गुणवत्ता और वास्तविक भावनाओं के बजाय चुनावों के समय उद्घाटन के पैटर्न की ओर इशारा किया. इस घटना पर सिंधुदुर्ग के संरक्षक मंत्री रवींद्र चव्हाण ने कहा कि सिंधुदुर्ग में फर्म मेसर्स आर्टिस्ट्री के मालिक जयदीप आप्टे और स्ट्रक्चरल कंसल्टेंट चेतन पाटिल (दोनों मूर्ति निर्माण में शामिल) के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.