Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सामने दोनों डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे ने कुछ ऐसी बातचीत की, जिससे राज्य की राजनीति का 'माहौल' गर्मा गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजित पवार ने देवेंद्र फडणवीस से कहा कि अगर मुझे मुख्यमंत्री बनाया जाता, तो मैं पूरी एनसीपी को साथ लेकर आता. हालांकि, ये उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा था. मौका मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की बायोग्राफी 'योद्धा कर्मयोगी- एकनाथ संभाजी शिंदे' के विमोचन का था.
इस दौरान एनसीपी चीफ अजित पवार ने ये भी कहा कि मुझसे जूनियर नेता कहां से कहां पहुंच गए और मैं उन सबसे पीछे रह गया. उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस 1999 में और एकनाथ शिंदे 2004 में पहली बार विधायक बने, जबकि मैं 1990 में ही विधायक बन गया था. देवेंद्र फडणवीस राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, जबकि एकनाथ शिंदे वर्तमान में मुख्यमंत्री हैं. इस लिहाज से मैं काफी पीछे रह गया.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एकनाथ शिंदे की बायोग्राफी के विमोचन के मौके पर मुख्यमंत्री बीच में, जबकि देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार अगल-बगल बैठे थे. इस दौरान अजित पवार ने देवेंद्र फडणवीस से कहा कि अगर भाजपा और शिवसेना ने मिलकर मुझे मुख्यमंत्री बनाया होता, तो फिर मैं पूरी एनसीपी अपने साथ ले आता.
अजित पवार ने मजाकिया लहजे में देवेंद्र फडणवीस से कहा कि आपने एकनाथ शिंदे से कहा था कि इतने विधायक लेकर आइए और मुख्यमंत्री बन जाइए. अगर आपने (भाजपा) मुझे ये ऑफर दिया होता और कहा होता कि मुझे मुख्यमंत्री बनाया जाएगा, तो मैं पूरी पार्टी को अपने साथ लेकर आता.
दरअसल, जुलाई 2023 में अजित पवार ने अपने चाचा और एनसीपी के संस्थापक शरद पवार से बगावत कर दी थी और पार्टी के कुछ विधायकों के साथ शिवसेना और भाजपा गठबंधन की सरकार में शामिल हो गए थे. अजित पवार को डिप्टी सीएम बनाया गया था.
अजित पवार के मजाकिया अंदाज के बाद देवेंद्र फडणवीस ने भी माहौल को खुशनुमा बना दिया. उन्होंने कहा कि मैं एक ही विधानसभा के कार्यकाल यानी 2019 से 2024 के बीच मुख्यमंत्री, विपक्ष का नेता और फिर डिप्टी सीएम बना. इसी तरह आप भी (अजित पवार) डिप्टी सीएम, विपक्ष के नेता और फिर डिप्टी सीएम बने.