महाराष्ट्र के परभणी जिले से शनिवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां मारुति मंदिर परिसर में बना सभा मंडप अचानक ढह गया. हादसे के समय मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे, जिससे घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कई लोग मलबे के नीचे दब गए, जबकि अनेक श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला गया है. प्रशासन, पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचकर लगातार राहत कार्य में जुटे हुए हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
शनिवार होने के कारण मंदिर में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ थी. भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे हुए थे. इसी दौरान सभा मंडप की छत का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना अचानक हुआ कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. छत गिरते ही चीख-पुकार मच गई और लोग अपने परिजनों को तलाशने में जुट गए. घटना के बाद मंदिर परिसर में भय और चिंता का माहौल बन गया.
Parbhani, Maharashtra - In the tragic roof collapse incident at the Hanuman Temple in Yashwadi village, five to six bodies have been recovered from under the debris of the Sabha Mandap so far. Eight to ten injured devotees have been shifted to nearby hospitals for treatment.… pic.twitter.com/Wn6a6yfkXL
— NextMinute News (@nextminutenews7) June 20, 2026
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, जिला प्रशासन और राहत बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गए. मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर अभियान शुरू किया गया. एम्बुलेंस और चिकित्सा दलों को भी घटनास्थल पर तैनात किया गया ताकि घायलों को तुरंत उपचार मिल सके. अधिकारियों के अनुसार बचाव दल लगातार मलबा हटाकर फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं. राहत कार्य को तेज करने के लिए अतिरिक्त संसाधन भी लगाए गए हैं.
एक अधिकारी के अनुसार यशवाड़ी गांव स्थित इस मंदिर में दोपहर करीब 3:30 बजे हादसा हुआ. अब तक मलबे के नीचे से लगभग 25 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कुल कितने लोग मलबे में फंसे थे. प्रशासन लगातार स्थिति का आकलन कर रहा है और बचाव कार्य जारी है. निकाले गए लोगों में कुछ को प्राथमिक उपचार दिया गया है, जबकि कुछ को अस्पताल भेजा गया है.
प्रशासन ने कहा है कि राहत अभियान पूरा होने के बाद छत गिरने के कारणों की विस्तृत जांच कराई जाएगी. फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की है. अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासनिक सूचनाओं पर भरोसा रखने की अपील की है. इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है और स्थानीय लोग मंदिर परिसर के बाहर राहत कार्यों की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं.