नई दिल्ली: देश में एलपीजी सिलेंडर की संभावित कमी को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है. मंगलवार को सरकारी सूत्रों ने कहा कि भारत में एलपीजी की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह स्थिर है.
हाल के दिनों में कुछ उद्योग संगठनों और सोशल मीडिया पर सिलेंडर की कमी की आशंका जताई गई थी. इसके बाद सरकार ने स्थिति की समीक्षा की और बताया कि रिफाइनरियों में उत्पादन बढ़ाया गया है तथा वितरण व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है.
सरकारी सूत्रों के अनुसार तेल रिफाइनरियों को पहले ही निर्देश दिए गए थे कि एलपीजी उत्पादन बढ़ाया जाए. इसके बाद कई रिफाइनरियों ने उत्पादन में लगभग 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है. वर्तमान में सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं ताकि बाजार में पर्याप्त मात्रा में सिलेंडर उपलब्ध रहे. अधिकारियों का कहना है कि हाल में जो अस्थायी चिंता सामने आई थी, वह अब पूरी तरह खत्म हो चुकी है.
सरकार ने यह भी बताया कि एलपीजी वितरण में किसी तरह की अनियमितता या जमाखोरी रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया गया है. अधिकारियों ने मॉनिटरिंग अवधि को 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है. इसके अलावा आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधान लागू कर दिए गए हैं ताकि कोई भी कारोबारी कृत्रिम कमी पैदा न कर सके. हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया कि आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम लागू नहीं किया गया है.
अधिकारियों का कहना है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की उपलब्धता सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. इसलिए घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति को सुरक्षित रखा गया है. वहीं कुछ उद्योग संगठनों की ओर से वाणिज्यिक सिलेंडरों की कमी को लेकर जो पत्र भेजे गए थे, उन्हें अधिकारियों ने बहुत गंभीर नहीं माना, लेकिन फिर भी सरकार ने स्थिति की समीक्षा की है.
सरकार ने लोगों से अपील की है कि एलपीजी संकट से जुड़ी अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें. अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहें अनावश्यक घबराहट पैदा कर सकती हैं. भारत ऊर्जा आपूर्ति के मामले में कई देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में है और जरूरत पड़ने पर अंतरराष्ट्रीय आपूर्तिकर्ताओं से भी समन्वय किया जा रहा है. सरकार ने भरोसा दिलाया कि देश में ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है.