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LPG New Rate: फेस्टिवल सीजन से पहले LPG गैस सिलेंडर के दामों में बड़ी कटौती, जानें क्या हैं नए रेट?

ऑइल मार्केटिंग कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में कटौती की है, जो 1 सितंबर से लागू होगी, जबकि घरेलू सिलेंडरों की कीमतें स्थिर रहेंगी.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
LPG New Rate: फेस्टिवल सीजन से पहले LPG गैस सिलेंडर के दामों में बड़ी कटौती, जानें क्या हैं नए रेट?
Courtesy: web

देशभर में तेल मार्केटिंग कंपनियों ने एलपीजी गैस उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी खबर दी है. 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडरों की कीमतों में महत्वपूर्ण कटौती की गई है, जो कल यानी 1 सितंबर से लागू होगी. वहीं, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडरों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया.

दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 853 रुपये बनी हुई है. हैदराबाद में यह कीमत 905 रुपये है चेन्नई में 868.50 रुपये, बेंगलुरु में 855.50 रुपये और विजयवाड़ा में 877.50 रुपये पर घरेलू सिलेंडर बिकेंगे. 5 किलोग्राम वाले छोटे घरेलू सिलेंडरों की कीमत भी विभिन्न शहरों में लगभग स्थिर रही.

कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में कटौती

दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत घटकर 1580 रुपये हो गई है. हैदराबाद में यह कीमत 1850 रुपये, बेंगलुरु में 1652.5 रुपये और चेन्नई में 1737.50 रुपये हो गई है. आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में कमर्सियल सिलेंडर की कीमत 1737 रुपये और विशाखापत्तनम में 1632 रुपये कर दी गई है.

नहीं बदली घरेलू सिलेंडर की कीमत

तेल कंपनियों ने घरेलू सिलेंडरों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है. इससे घरेलू उपभोक्ताओं को लाभ नहीं मिला और उनका खर्च पहले की तरह ही बना रहा. हालांकि कमर्शियल सिलेंडरों की कटौती से व्यवसायिक उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी.

अन्य शहरों में क्या है स्थिति

विभिन्न राज्यों और शहरों में घरेलू और कमर्शियल सिलेंडरों की कीमतें अलग-अलग हैं. हैदराबाद, दिल्ली, चेन्नई, बेंगलुरु, विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम में कीमतों का अंतर उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है. यह कदम व्यापारिक उपयोगकर्ताओं के लिए राहत भरा है, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कोई खास बदलाव नहीं आया.

क्या होंगे आगामी प्रभाव

तेल विपणन कंपनियों की यह कटौती व्यवसायिक क्षेत्रों में लागत कम करने में मदद करेगी. वहीं, घरेलू उपभोक्ता स्थिर कीमतों के बावजूद गैस का उपयोग पहले की तरह करेंगे. सरकार और कंपनियां समय-समय पर बाजार की समीक्षा करते हुए कीमतों में बदलाव करती रहती हैं.