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Lok Sabha Elections 2024: चुनावी मैदान में उतरने को अरुण गोयल ने दिया इस्तीफा! ऐलान से पहले क्यों छोड़ा इलेक्शन कमिश्नर का पद

Lok Sabha Elections 2024: लोकसभा चुनाव से पहले इलेक्शन कमिश्नर अरुण गोयल का इस्तीफा राजनीतिक दलों में चर्चाओं का मुद्दा बन गया है. कांग्रेस समेत सभी विपक्षी पार्टियां भाजपा पर निशाना साध रही हैं.

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Lok Sabha Elections 2024: चुनावी मैदान में उतरने को अरुण गोयल ने दिया इस्तीफा! ऐलान से पहले क्यों छोड़ा इलेक्शन कमिश्नर का पद

Lok Sabha Elections 2024: लोकसभा चुनाव 2024 के कार्यक्रम की घोषणा से कुछ दिन पहले चुनाव आयुक्त अरुण गोयल के इस्तीफे ने राजनीतिक दलों में चर्चा शुरू कर दी हैं. उनके इस्तीफे के पीछे के कारणों को लेकर अटकलों का बाजार भी गर्म है. कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने सवाल उठाया है कि क्या यह मुख्य चुनाव आयुक्त या मोदी सरकार के साथ मतभेदों के कारण था?

वहीं कुछ विपक्षी नेताओं ने यह भी कहा है कि अरुण गोयल ने भाजपा के टिकट पर आगामी लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए इस्तीफा दे दिया होगा. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने अरुण गोयल के इस्तीफे को लेकर तीन प्रमुख सवाल उठाए हैं.

कांग्रेस नेता जयराम ने उठाए 3 सवाल

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि कल शाम चुनाव आयुक्त पद से अरुण गोयल का इस्तीफा तीन सवाल खड़े करता है. क्या उन्होंने वास्तव में मुख्य चुनाव आयुक्त या मोदी सरकार के साथ मतभेदों पर इस्तीफा दिया था, जो सभी कथित स्वतंत्र संस्थानों के लिए सबसे आगे रहकर काम करती है? या उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दिया?

जयराम रमेश ने अपने एक्स पर लिखा कि या फिर उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीश की तरह इस्तीफा दिया था. कुछ दिन पहले भाजपा के टिकट पर आगामी लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए इस्तीफा दे दिया. 

कांग्रेस नेता ने पिछले आठ महीनों से राजनीतिक दलों के साथ चर्चा करने से इनकार करने के लिए चुनाव आयोग की आलोचना की. उन्होंने कहा कि वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) जारी करना, 'इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग हेरफेर' को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण उपाय है.

मल्लिकार्जुन खड़ने ने की इनसे तुलना

उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी के भारत में हर बीतता दिन लोकतंत्र और लोकतांत्रिक संस्थानों पर चोट पहुंचा रहा है. उधर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अरुण गोयल की भविष्य की योजनाओं के बारे में अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने हाईकोर्ट के न्यायाधीश के हाल के इस्तीफे से उनकी तुलना की, जो हाल ही में भाजपा में शामिल हुए हैं. 

उन्होंने कहा कि मैं सोच रहा था, हाईकोर्ट के न्यायाधीश ने इस्तीफा दे दिया और अगले दिन भाजपा में शामिल हो गए. फिर टीएमसी को गाली देना शुरू कर दिया. इससे पता चलता है कि भाजपा ने ऐसी मानसिकता वाले लोगों को नियुक्त किया है. अब चुनाव आयुक्त ने इस्तीफा दे दिया है, हमें कुछ समय इंतजार करना चाहिए और देखना चाहिए कि अब होता है. 

संजय राउत बोले- चुनाव आयोग BJP की ही ब्रांच

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा का ही विस्तार बन गया है. उन्होंने टीएन शेषन के समय से हुए भारी बदलाव पर जोर दिया, जिन्होंने प्रहरी के रूप में चुनावों में निष्पक्षता सुनिश्चित की थी. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में चुनाव आयोग का प्राइवटाइजेशन किया गया है. ये अब भाजपा की ही एक शाखा बन गई है. 

ओवैसी ने सरकार से मांगा स्पष्टीकरण

एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले अरुण गोयल और सरकार से उनके इस्तीफे पर स्पष्टीकरण की मांग की है. उन्होंने कहा, बेहतर होगा कि वह (अरुण गोयल) खुद या सरकार लोकसभा चुनाव से पहले इस्तीफे के पीछे का कारण बताएं. टीएमसी नेता साकेत गोखला ने भी गोयल के इस्तीफे के समय पर सवाल उठाया. कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनावों में हेरफेर करने की भाजपा की साजिश है.