कोलकाता: अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनल मेसी की एक झलक पाने के लिए कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में हजारों प्रशंसक जुटे थे. विश्व कप विजेता खिलाड़ी का यह दौरा यादगार माना जा रहा था. दर्शकों ने इस कार्यक्रम के लिए जितने महंगे टिकट खरीदे थे, उतनी ही ज्यादा उम्मीदें लेकर वह स्टेडियम पहुंचे थे. लेकिन आयोजन के दौरान अव्यवस्था, सुरक्षा घेरा और समय की कमी ने माहौल बिगाड़ दिया, जिससे यह फुटबॉल उत्सव विवाद में बदल गया.
मेसी को देखने के लिए प्रशंसकों ने 4,500 से 10,000 रुपये तक के टिकट खरीदे थे. इतनी बड़ी राशि खर्च करने के बाद लोग एक यादगार अनुभव चाहते थे, लेकिन स्टेडियम में पहुंचने के बाद उन्हें लगा कि जिस पल के लिए वे आए हैं, वह ठीक से मिल ही नहीं पाया. इसी अधूरी उम्मीद ने नाराजगी को जन्म दिया.
मेसी के चारों ओर कड़ी सुरक्षा और कई वीवीआईपी लोग मौजूद थे. इससे आम दर्शकों को अपने पसंदीदा खिलाड़ी की झलक तक नहीं मिल सकी. भीड़ में यह भावना फैलने लगी कि आयोजन आम प्रशंसकों से ज्यादा खास लोगों के लिए सिमट गया है. यही दूरी धीरे-धीरे गुस्से में बदल गई.
स्टेडियम पहुंचने के करीब दस मिनट बाद ही मेसी वहां से निकल गए. इससे पहले उन्होंने मोहन बागान ऑल स्टार्स और डायमंड हार्बर ऑल स्टार्स के खिलाड़ियों से हाथ मिलाया, लेकिन इसके बाद अचानक उनके जाने की खबर फैली और भीड़ भड़क उठी. लोगों को लगा कि उनके साथ अन्याय हुआ है.
मेसी के निकलते ही स्टेडियम में अफरा-तफरी मच गई. कुर्सियां और पानी की बोतलें फेंकी गई, तोड़फोड़ की खबरें आई. पुलिस हालात संभाल नहीं पाई और रैपिड एक्शन फोर्स को बुलाना पड़ा. आयोजकों को भी गुस्से का सामना करना पड़ा, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई.
पूर्व भारतीय फुटबॉलर लालकमल भौमिक ने बताया कि मैदान पर मेसी ने भी अव्यवस्था पर सवाल उठाए थे. वहीं, दीपेंदु बिस्वास ने कहा कि खुले वाहन में चक्कर लगाने का सुझाव नहीं माना गया. हालात बिगड़ने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मेसी और प्रशंसकों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी, जिससे यह मामला खेल से आगे बढ़ गया.
रिपोर्ट के अनुसार, लालकमल भौमिक ने बताया कि शुरुआत में स्टार फुटबॉलर मेसी खिलाड़ियों से मिलकर काफी खुश नजर आ रहे थे, लेकिन कुछ देर बाद, मैंने मेसी को अपनी टीम से यह कहते हुए सुना कि जब से मैं अंदर आया हूं, मैं बस इधर-उधर घूम रहा हूं. यह क्या हो रहा है?
खबरों के मुताबिक, स्टेडियम से बाहर निकलने के बाद मेसी, सुआरेज और डी पॉल कार में बैठ गए, क्योंकि मेसी की टीम से जुड़े लोग इवेंट जारी न रखने के अपने फैसले पर अड़िग थे. वहीं, भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज खिलाड़ी सौरव गांगुली ने इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथियों में से एक थे. उन्हें यह कहते हुए सुना गया कि अगर आप थोड़ी देर और रुकते तो अच्छा होता.