Ajit doval on operation sindoor: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने शुक्रवार को भारत की सैन्य और तकनीकी शक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता पर बात की. उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में पाकिस्तान के नौ आतंकी ठिकानों को केवल 23 मिनट में सटीकता के साथ नष्ट किया गया. आईआईटी मद्रास के 62वें दीक्षांत समारोह में अपने संबोधन में डोभाल ने स्वदेशी तकनीक के विकास पर जोर देते हुए देश की आत्मनिर्भरता की आवश्यकता को रेखांकित किया.
भारत ने 7 मई को तड़के 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया, जिसमें सेना ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी शिविरों को निशाना बनाया. इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए. डोभाल ने गर्व के साथ कहा, "हमें अपनी स्वदेशी तकनीक विकसित करनी होगी. सिंदूर का ज़िक्र यहां ज़रूर हुआ. हमें इस बात पर गर्व है कि इसमें कितनी स्वदेशी सामग्री थी... हमने पाकिस्तान के आर-पार 9 आतंकवादी ठिकानों पर निशाना लगाने का फ़ैसला किया, ये सीमावर्ती इलाक़ों में नहीं थे. हम किसी को भी नहीं चूके. हमने इसके अलावा कहीं और निशाना नहीं लगाया." उन्होंने आगे बताया, "यह इतना सटीक था कि हमें पता चल गया कि कौन कहां है. पूरे ऑपरेशन में 23 मिनट लगे..." इस ऑपरेशन ने भारत की सैन्य क्षमता और तकनीकी दक्षता को विश्व पटल पर स्थापित किया.
#WATCH | Chennai, Tamil Nadu | Speaking on Operation Sindoor, at IIT Madras, NSA Ajit Doval slams the foreign media for their reportage on the operation.
— ANI (@ANI) July 11, 2025
"Foreign press said that Pakistan did that and this...You tell me one photograph, one image, which shows any damage to any… pic.twitter.com/v13Pr8RuRf
विदेशी मीडिया की आलोचना
डोभाल ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद विदेशी मीडिया की रिपोर्टिंग पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत की जवाबी कार्रवाई को गलत ढंग से पेश करने के लिए उनकी आलोचना की. डोभाल ने चुनौती देते हुए कहा, "विदेशी प्रेस ने कहा कि पाकिस्तान ने ऐसा और ऐसा किया... आप मुझे एक भी तस्वीर बताइए, जिसमें किसी भारतीय (संरचना) को कोई नुकसान हुआ हो, यहां तक कि एक कांच का शीशा भी टूटा हो..." उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि विदेशी मीडिया द्वारा दिखाई गई तस्वीरों में 10 मई से पहले और बाद में पाकिस्तान के 13 हवाई अड्डों, जैसे सरगोधा, रहीम यार खान और चकलाला, को ही नुकसान पहुंचा दिखाया गया. डोभाल ने जोर देकर कहा, "मैं आपको केवल वही बता रहा हूं जो विदेशी मीडिया ने तस्वीरों के आधार पर सामने रखा... हम ऐसा करने में सक्षम हैं."
ऑपरेशन का पृष्ठभूमि और प्रभाव
ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे. इस हमले के बाद भारत ने त्वरित और निर्णायक कार्रवाई करते हुए आतंकी ठिकानों को नष्ट किया. चार दिनों तक ड्रोन, मिसाइलों और लंबी दूरी के हथियारों से हमले और जवाबी हमले हुए. अंततः 10 मई को दोनों पक्षों के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी.
स्वदेशी तकनीक का आह्वान
डोभाल ने अपने संबोधन में स्वदेशी तकनीक के महत्व पर बल दिया. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता में स्वदेशी तकनीक की भूमिका उल्लेखनीय थी. यह भारत की आत्मनिर्भरता और तकनीकी उन्नति का प्रतीक है.