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India Daily

'50 से भी कम हथियार...', आपरेशन सिंदूर के बाद युद्ध विराम के लिए क्यों राजी हुआ था पाकिस्तान? एयर मार्शल ने किया खुलासा

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना ने 50 से भी कम हथियारों का इस्तेमाल कर पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए मजबूर कर दिया. एयर मार्शल नरमदेश्वर तिवारी ने खुलासा किया कि चार दिन चले हमलों में सीमित हथियारों के जरिए वायुसेना ने बड़े लक्ष्य साधे और पाकिस्तान को बातचीत की मेज पर लाना पड़ा.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
'50 से भी कम हथियार...', आपरेशन सिंदूर के बाद युद्ध विराम के लिए क्यों राजी हुआ था पाकिस्तान? एयर मार्शल ने किया खुलासा
Courtesy: web

पेहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने पाकिस्तान और पीओके में आतंक ठिकानों पर करारी जवाबी कार्रवाई की. तीन महीने बाद एक निजी समाचार चैनल के कार्यक्रम में वायुसेना के उपप्रमुख एयर मार्शल नरमदेश्वर तिवारी ने ऑपरेशन सिंदूर के नए तथ्य साझा किए हैं. उन्होंने कहा कि 50 से कम हथियारों के इस्तेमाल से भारत ने न सिर्फ संघर्ष को समाप्त किया बल्कि पाकिस्तान को युद्धविराम पर सहमत होने के लिए बाध्य किया.

एयर मार्शल तिवारी ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान कई विकल्प थे, लेकिन अंत में सिर्फ नौ लक्ष्यों को चुना गया. उन्होंने कहा, 'कम से कम 50 हथियारों से हम संघर्ष को खत्म करने में सफल रहे. यह इस पूरे ऑपरेशन का सबसे अहम निष्कर्ष है.' उनका मानना था कि युद्ध शुरू करना आसान है, लेकिन उसे खत्म करना कहीं ज्यादा मुश्किल होता है, इसलिए सेना हर स्थिति के लिए तैयार थी.

तकनीक और स्वतंत्रता ने दिलाई सफलता

तिवारी ने बताया कि ऑपरेशन की सफलता में भारत की Integrated Air Command and Control System (IACCS) की बड़ी भूमिका रही. इसी प्रणाली ने वायुसेना को दुश्मन के शुरुआती हमले झेलने और तुरंत जवाबी कार्रवाई करने की क्षमता दी. साथ ही, भारत सरकार ने सेना को पूरी परिचालन स्वतंत्रता दी, जिससे फैसले तेजी से लिए जा सके और हालात के मुताबिक त्वरित कार्रवाई संभव हुई. 

चार दिन चला हमला

7 से 10 मई तक वायुसेना ने ब्रह्मोस-ए क्रूज मिसाइलों और ड्रोन हमलों से पाकिस्तान के अहम ठिकानों को निशाना बनाया. चकलााला (रावलपिंडी) और सरगोधा (पंजाब प्रांत) में पहली बार हमले की पुष्टि हुई. इसके बाद जैकबाबाद, भोलारी और स्कर्दू जैसे ठिकानों पर भी हमले की खबरें आईं. भारतीय गोलाबारी के बाद पाकिस्तान की कई आक्रामक चालें नाकाम कर दी गईं और 10 मई की दोपहर पाकिस्तान के डीजीएमओ मेजर जनरल काशिफ अब्दुल्ला को भारतीय समकक्ष को सीधे फोन करना पड़ा.

युद्ध विराम के बावजूद उल्लंघन

10 मई की शाम से भारत और पाकिस्तान ने भूमि, समुद्र और वायु मार्ग से सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई. लेकिन कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तानी ड्रोन श्रीनगर और गुजरात समेत कई इलाकों में दिखे, जिन्हें भारतीय सेना ने इंटरसेप्ट किया. भारत ने इसे युद्धविराम का उल्लंघन बताया और कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि भारत इन उल्लंघनों को बेहद गंभीरता से लेता है और इसका जवाब दिया जा रहा है.