नई दिल्ली: राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की एक बार फिर मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही है. चारा घोटाला मामले में बिहार के पूर्व सीएम लालू यादव फिर से सलाखों के पीछे जा सकते है. CBI ने उनकी जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की है. जिसे मंजूर भी कर लिया गया है और इस मामले में 25 अगस्त को सुनवाई होगी.
CBI ने अपनी याचिका में झारखंड HC के फैसले को चुनौती देते हुए लालू यादव की जमानत रद्द करने की मांग की है. अगर सुप्रीम कोर्ट CBI की ओर से दाखिल याचिका के पक्ष में फैसला सुनाती है तो राजद प्रमुख लालू यादव की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती है.
Supreme Court agrees to list a plea of CBI challenging the bail granted by Jharkhand High Court to Rashtriya Janata Dal (RJD) leader Lalu Prasad Yadav in the fodder scam case
— ANI (@ANI) August 18, 2023
CBI mentions before the Supreme Court seeking urgent listing of its plea to cancel the bail of Lalu…
दरअसल लंबे समय से बीमार चल रहे लालू यादव को झारखंड हाईकोर्ट की तरफ से जमानत दी गई थी जिसका सीबीआई ने विरोध किया है. जमानत दिए जाने के बाद CBI ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया साथ ही इस याचिका पर जल्द से जल्द सुनवाई के लिए भी अर्जी लगाई. जिसके बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को सनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है.
झारखंड उच्च न्यायालय ने बीते साल 22 अप्रैल 2022 को लालू यादव को चारा घोटाला मामले में जमानत दी थी. उसके बाद लालू फिलहाल खराब स्वास्थ्य की वजह से बेल पर बाहर हैं. अब CBI ने झारखंड उच्च न्यायालय के इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.
चारा घोटाले मामले में 27 मार्च को लालू को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली थी. सुप्रीम कोर्ट ने चारा घोटाले से जुड़े मामले में लालू यादव को नोटिस जारी करने को लेकर सीबीआई की याचिका को खारिज कर दी थी तब अदालत ने कहा कि इसी तरह का मामला पहले से लंबित है.
चारा घोटाला में डोरंडा कोषागार से 139 करोड़ रुपये से अधिक के गबन से जुड़े पांचवें चारा घोटाले के मामले में रांची की एक विशेष CBI अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव को तीन साल जेल की सजा सुनाई थी. इसके साथ ही उनपर 60 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था.
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