नई दिल्ली. कोटा में स्टूडेंट्स के बढ़ते आत्महत्या के मामले को लेकर जिला प्रशासन ने एक बड़ा निर्णय लिया है. प्रशासन की ओर से सभी छात्रावासों और पेइंग गेस्ट (पीजी) आवासों को "छात्रों को मानसिक सहायता और सुरक्षा प्रदान करने के लिए" सभी कमरों में स्प्रिंग-लोडेड पंखे लगाने का आदेश दिया गया है. इस साल अब तक 22 छात्र आत्महत्या कर चुके हैं.
कोटा जिला कलेक्टर ओम प्रकाश बुनकर ने अपने आदेश में कहा है कि कोटा में आकर पढ़ाई करने वाले सभी छात्रों की मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए और और बढ़ती आत्महत्याओं को रोकने के लिए हॉस्टल/पीजी संचालक के साथ बैठक कर सभी कमरों के हर एक पंखे में सुरक्षा स्प्रिंग डिवाइस स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं.
स्प्रिंग-लोडेड पंखे
सभी छात्रावासों और पेइंग गेस्ट (पीजी) आवासों में स्प्रिंग-लोडेड पंखे लगाए जानें से छात्र आत्महत्या नहीं कर पाएगा. अगर कोई भी छात्र खुदकुशी करने की कोशिश करता है तो पंखा नीचे चला आएगा.
#WATCH छात्रों के आत्महत्या के मामलों को कम करने के लिए कोटा के सभी छात्रावासों और पेइंग गेस्ट (पीजी) आवासों में स्प्रिंग-लोडेड पंखे लगाए गए हैं। (17.08) https://t.co/0dQcrz1gnR pic.twitter.com/VU5T3cpn53
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 18, 2023
जिला प्रशासन ने सभी कोचिंग संस्थानों से अपील की है कि दिसंबर 2022 में दिए गए आदेश का पालन करें. उस आदेश में कहा गया था कि कोचिंग संस्थान सप्ताह में बच्चों के एक छुट्टी देगें. एक कक्षा में अधिकतम 80 छात्र ही बैठ सकते हैं. इसके साथ नियमित तौर पर छात्रों का मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाना अनिवार्य है.
सील कर दिया जाएगा हॉस्टल
प्रशासन की ओर से जारी की गई नोटिस में कहा गया कि अगर कोई भी कोचिंग संस्थान इस नियम को फॉलो नहीं करता तो उसके खिलाफ एक्शन लेते हुए कोचिंग संस्थान और पीजी/हॉस्टल को सील कर दिया जाएगा.
पुलिस के डाटा के अनुसार 2019 में 18 छात्र, 2018 में 20 छात्र, 2017 में 7, 2016 में 17 और 2015 में 18 छात्रों ने आत्महत्या की है. 2023 का आंकड़ा चौकाने वाला है. 2022 में अब तक 15 छात्र सुसाइड कर चुके हैं.
राजस्थान के कोटा शहर में 225,000 लाख विद्यार्थी आईआईटी और नीट जैसी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं. देश के कोने-कोने से आकर छात्र यहां कर पढ़ते हैं.
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