Kota Coaching Business: देशभर में मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए मशहूर कोटा शहर, छात्रों की भारी कमी का सामना कर रहा है. यह अभूतपूर्व घटना न केवल कोचिंग उद्योग के लिए बल्कि पूरे शहर की अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन गई है.
अन्य राज्यों में कोचिंग संस्थानों का खुलना: पहले, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के छात्र कोटा आकर कोचिंग करते थे. लेकिन अब, इन राज्यों में भी कई बेहतरीन कोचिंग संस्थान खुल गए हैं, जिसके कारण छात्रों को अब दूरदराज के शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं है.
ऑनलाइन शिक्षा का बढ़ता प्रभाव: इंटरनेट और प्रौद्योगिकी के विकास ने शिक्षा को पहले से कहीं अधिक सुलभ बना दिया है. अब छात्र घर बैठे ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं. YouTube, Unacademy, Vedantu, Byju's जैसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म छात्रों को कोचिंग संस्थानों पर निर्भर रहने की आवश्यकता कम कर रहे हैं.
महंगाई: कोटा में रहने और पढ़ाई करने की बढ़ती लागत भी छात्रों को दूर कर रही है. हॉस्टल, भोजन, किताबें और अन्य खर्चों में लगातार वृद्धि छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए बोझ बन रही है. कई छात्र अब कम खर्चीले शहरों में शिक्षा प्राप्त करने का विकल्प चुन रहे हैं.
कोविड-19 महामारी: महामारी के दौरान ऑनलाइन शिक्षा का बढ़ता महत्व छात्रों की मानसिकता में बदलाव ला रहा है. कई छात्र अब घर बैठे ही पढ़ाई करना पसंद करते हैं, जिससे कोटा जैसे ऑफलाइन शिक्षा केंद्रों पर प्रभाव पड़ा है.
छात्रों की कमी का असर कोटा की अर्थव्यवस्था के हर पहलू पर पड़ रहा है:
इस विकट परिस्थिति से बाहर निकलने के लिए, कोटा को अपनी रणनीति में बदलाव लाने की आवश्यकता है:
विविधीकरण: कोटा को केवल कोचिंग हब के रूप में नहीं, बल्कि शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है. कोटा को अपनी अर्थव्यवस्था को विविधता प्रदान करने के लिए नए विश्वविद्यालयों, स्टार्टअप और इनोवेशन हब्स की स्थापना करनी चाहिए. यह न सिर्फ छात्रों को आकर्षित करेगा बल्कि उन्हें कोचिंग के बाद नौकरी या उद्यमिता के विकल्प भी देगा.
क्वालिटी एजुकेशन पर फोकस: कोचिंग संस्थानों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए. नई तकनीक अपनाने, अनुभवी शिक्षकों को नियुक्त करने और उचित शुल्क निर्धारण से छात्रों का विश्वास जीता जा सकता है.
ऑनलाइन शिक्षा का लाभ उठाना: कोचिंग संस्थान ऑनलाइन शिक्षा के बढ़ते चलन का लाभ उठा सकते हैं. वे ऑनलाइन कोर्स और कक्षाएं देकर अपने दायरे को व्यापक कर सकते हैं. इससे छात्रों को स्थान की बाध्यता खत्म हो जाएगी.
सरकारी सहयोग: राज्य सरकार को कोटा की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में मदद करनी चाहिए. रियायती हॉस्टल, रोजगार के अवसर पैदा करना और आधारभूत संरचना में सुधार जैसे कदम उठाए जा सकते हैं.
कोटा के सामने एक चुनौती है. यह समय है कि कोटा खुद को नये सिरे से गढ़े. कोचिंग के साथ-साथ शिक्षा के दूसरे आयामों को विकसित कर यह शहर फिर से छात्रों का पसंदीदा शिक्षा केंद्र बन सकता है. यह बदलाव न सिर्फ कोटा की अर्थव्यवस्था को बचाएगा बल्कि यहां पढ़ने वाले छात्रों को भी भविष्य के लिए बेहतर विकल्प देगा.