menu-icon
India Daily

अस्पताल में ही चला टोने-टोटके का खेल, जान बचाने वाले ही बने दर्शक, जानें कहां हुआ अंधविश्वास का ये अजीब किस्सा

मामला टोंक जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सआदत से जुड़ा हुआ है. टोंक जिले के दूनी के माधोरजपुरा गांव से आए कुछ ग्रामीण सीधे सआदत अस्पताल के वार्ड में पहुंचे और वार्ड में ही उन्होंने एक बेड के पास अंधविश्वास और पाखंड से जुड़ी टोने-टोटके की क्रियाएं शुरू कर दीं. यह पहली बार नहीं है जब सआदत अस्पताल में इस तरह की घटना हुई हो. इससे पहले भी अस्पताल में टोने-टोटके की तस्वीरें सामने आई हैं.

India Daily Live
अस्पताल में ही चला टोने-टोटके का खेल, जान बचाने वाले ही बने दर्शक, जानें कहां हुआ अंधविश्वास का ये अजीब किस्सा
Courtesy: SOCIAL MEDIA

Rajasthan News: कहते हैं अंधविश्वास और आस्था में एक बारीक सी लकीर होती है. लकीर के इस पार आस्था है और उस पार अंधविश्वास की गहरी खाई है, लेकिन  21वीं सदी के भारत में आज भी अंधविश्वास अपनी गहरी जड़ें जमाए हुए है. देश में एक तरफ आधुनिकता के युग की क्रांति है साइंस नए-नए अविष्कार कर रही है लेकिन राजधानी जयपुर से 100 किलोमीटर दूर टोंक के सरकारी अस्पताल में अंधविश्वास का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे.

सआदत अस्पताल में पार हुई अंधविश्वास की पराकाष्ठा 
दरअसल मामला टोंक जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सआदत से जुड़ा हुआ है. टोंक जिले के दूनी के माधोरजपुरा गांव से आए कुछ ग्रामीण सीधे सआदत अस्पताल के वार्ड में पहुंचे और वार्ड में ही उन्होंने एक बेड के पास अंधविश्वास और पाखंड से जुड़ी टोने-टोटके की क्रियाएं शुरू कर दीं.

अस्पताल में चला आत्मा को मुक्ति दिलाने का खेल
सरकारी अस्पताल में आत्मा को मुक्ति दिलाने का अंधविश्वास से जुड़ा खेल चलता रहा. यह देखकर अस्पताल के वार्ड में पहले से भर्ती मरीज और उनके तिमारदार भी हैरान रह गए. इस दौरान सबसे बड़ी हैरान कर देने वाली बात यह रही कि अस्पताल प्रबंधन से जुड़े किसी भी अधिकारी और कर्मचारी ने इस पाखंड को लेकर कोई सवाल तक नहीं किया. अस्पताल के कर्मचारी और अधिकारी मूकदर्शक बने रहे.

वार्ड में कैद थी मृतक की आत्मा
ग्रामीणों से इस पूरे मामले की जानकारी जुटाई गई तो दूनी के माधोराजपुरा निवासी जयसिंह मीणा ने बताया कि उनके पिता की सआदत अस्पताल के वार्ड में करीब 17 साल पहले मौत हो गई थी, तभी से उनकी आत्मा यहां कैद थी और घर के लोगों को परेशान कर रही थी, इसलिए वो आज उन्हें ले जाने आए हैं.